नवगछिया में फायरिंग का वीडियो वायरल,चुनाव से पहले गोलियों की गूंज से मचा हड़कंप
भागलपुर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के ऐन पहले भागलपुर ज़िले के नवगछिया अनुमंडल से एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में दो युवक खुलेआम हथियार लहराते हुए फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। गोलियों की आवाज़ और युवकों के शोर-शराबे से क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो झंडापुर थाना क्षेत्र के किसी गांव का है, हालांकि पुलिस अभी वीडियो की स्थान और समय की पुष्टि करने में जुटी है। वायरल वीडियो में दिख रहे दोनों युवक निश्चिंत होकर हवाई फायरिंग करते दिख रहे हैं, मानो किसी कानून का डर ही न हो।
वीडियो सामने आते ही नवगछिया पुलिस हरकत में आ गई। थाना पुलिस के अलावा नवगछिया एसडीपीओ और डीएसपी स्तर के अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं। पुलिस वीडियो के स्रोत और फायरिंग में शामिल युवकों की पहचान के लिए तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने कहा है कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी ताकि यह पता चल सके कि यह पुराना वीडियो है या हाल का, और क्या इसका संबंध किसी राजनीतिक या आपराधिक गतिविधि से है।
चुनावी माहौल में इस तरह की घटना को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा चुनाव से पहले भय या अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश की गई तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में कराना हमारी ज़िम्मेदारी है।
नवगछिया पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे किसी भी वीडियो या अफवाह पर तुरंत विश्वास न करें, बल्कि उसकी सूचना पुलिस को दें। पुलिस ने कहा कि अगर किसी के पास वीडियो या फायरिंग से जुड़ी कोई ठोस जानकारी या पहचान संबंधी संकेत हैं, तो वे नज़दीकी थाना या नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।
बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही प्रशासन और पुलिस ने जिले भर में गश्त, तलाशी अभियान और नाका चेकिंग तेज कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ऐसे वायरल वीडियो चुनावी माहौल को बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा भी हो सकते हैं, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है।
वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि गणादेश द्वारा नहीं की जा सकी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी फिलहाल जांच के बाद ही इसकी वास्तविकता पर आधिकारिक बयान देंगे।



