भर्ती नियमावली के खिलाफ पटना की सड़कों पर उतरे शिक्षक अभ्यर्थी
पटना : बिहार की राजधानी पटना में आज शनिवार को हजारों की संख्या में शिक्षक अभ्यर्थियों ने शिक्षक भर्ती नियमावली में संशोधन के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर बैनर-पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डंडे लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों को पुलिस ने खदेडा। इस बीच शिक्षक अभ्यर्थी बीच सड़क पर ही धरना-प्रदर्शन करने लगे। टीईटी, एसटीईटी और सीटेट पास शिक्षक अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान से राज भवन तक मार्च निकालने की कोशिश की लेकिन पुलिस गांधी मैदान के पास जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर रोक दी। वहीं, प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार संसोधन वापस नहीं ली तो आंदोलन और उग्र होगा।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षक भर्ती नियमावली में बदलाव की। अब बिहार में शिक्षक बनने के लिए बिहारी होना जरूरी नहीं है। अब बाहरी लोग भी शिक्षक बन सकते हैं। ऐसा करके हम लोग का हक और अधिकार छीना जा रहा है। संसोधन कर सरकार को इस नीति को वापस लेना ही होगा। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन उग्र होगा। तीन साल पहले हमलोग टीईटी, एसटीईटी और सीटेट परीक्षा पास कर चुके हैं, लेकिन अभी तक नियुक्ति हुई नहीं है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि दो महीने पहले बिहार सरकार ने शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2023 को मंजूरी दे दी। कहा गया था कि शिक्षकों की नियुक्ति बीपीएससी के माध्यम से होगी, जो राज्यस्तरीय परीक्षा लेगा। अभ्यर्थी परीक्षा में अधिकतम तीन बार बैठ सकेंगे। बहाल शिक्षक सरकारी कर्मी कहलाएंगे। शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2023 के तहत हम लोग दोबारा परीक्षा देने को तैयार हुए थे। जबकि तीन साल पहले हम लोग परीक्षा में पास कर चुके थे, लेकिन शिक्षक नियुक्ति नियमावली 2023 में संसोधन कर दिया गया। संसोधन पर संसोधन होता रहा।
उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा था कि महागठबंधन सरकार बनते ही 20 साथ नौकरी देंगे। लेकिन वादा पूरा नहीं किए। बहाली फंसाने का काम हो रहा, नियुक्ति नहीं होगी।
प्रदर्शनकरियों ने कहा कि शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने नियमावली में संशोधन पर कहा कि बहाली में अंग्रेजी, गणित और विज्ञान के कॉम्पीटेंट अभ्यर्थी नहीं मिल पाते हैं। सीट खाली रह जाती थी, जिसके बाद सरकार ने इस तरह का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री बेवकूफ वाली बात कर रहे हैं। इसको इस्तीफा देना चाहिए। इसको हटाया जाए। बिहारी छात्रों, बिहारी प्रतिभा का अपमान कर रहे हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में महागठबंधन को हम लोग मजा चखाएंगे और सुपड़ा साफ कर देंगे।

