आत्मरक्षा के लिए पसीने में तर बतर बालिकाएँ लगातार ले रही हैं कराटे का प्रशिक्षण
पतरातू : पतरातू रसदा स्थित अंतराष्ट्रीय मार्शल आर्ट्स कराटे ट्रेनिंग सेंटर में मार्शल आर्ट सीखने के लिए बच्चों एवं बच्चियों की भीड़ उमड़ पड़ी है।मॉडर्न मार्शल आर्ट्स कराटे डो फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वाधान में राज्य के विभिन्न स्कूलों के साथ पतरातू प्रखंड के रसदा ग्राम स्थित कराटे ट्रेनिंग सेंटर में क्षेत्र की सैकड़ो बालक बालिकाएँ प्रतिदिन खुद को पसीने में तर बतर करते हुए अपनी आत्मरक्षा और समाज की सुरक्षा के उद्देश्य से लगातार कराटे का कड़ा प्रशिक्षण ले रही हैं। संस्था के मुख्य कराटे प्रशिक्षक सेंसी विकास पाठक ब्लैक बेल्ट तृतीय डॉन अंतराष्ट्रीय पदक विजेता के निर्देश पर बालिका प्रशिक्षिका सुमित्रा ब्लैक बेल्ट तृतीय डॉन अंतराष्ट्रीय पदक विजेता द्वारा मेहनत की पराकाष्ठा दिखाते हुए यह लड़कियाँ खुद को फौलाद सी मजबूत बनाने के उद्देश्य से लगातार कराटे का प्रशिक्षण ले रही हैं। लड़कियों को मार्शल आर्ट्स कराटे का विशेष प्रशिक्षण देने के लिए सुमित्रा स्वयं प्रतिदिन बालिकाओं को मार्शल आर्ट्स करते का कड़ा प्रशिक्षण दे रही है। इनके अंडर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बलिकाओं का कहना है कि हम मार्शल आर्ट कराटे सिख कर खुद को इतना मजबूत बनाएंगे कि हमें किसी और पर आश्रित नहीं होना पड़े। चाहे इसके लिए हमें कितनी भी मेहनत करनी पड़े हम तैयार हैं, और एक दिन हम साबित करेंगे की लड़कियाँ लड़कों से कहीं कम नहीं है। चाहे खेल में अंतरराष्ट्रीय पदक लेने की बात हो या स्वयं की सुरक्षा करने की हम खुद को साबित अवश्य करेंगे। यही जोश, जुनून एवं लग्न ने कई अंतराष्ट्रीय पदक दिलाया है पतरातू की धरती को। सेंसी विकास पाठक ब्लैक बेल्ट तृतीय डॉन अंतराष्ट्रीय पदक विजेता एवं सुमित्रा ब्लैक बेल्ट 2nd डॉन अंतर्राट्रीय पदक विजेता पतरातू प्रखण्ड के दर्जनों स्कूलों के साथ साथ अंतराष्ट्रीय मार्शल आर्ट ट्रेनिंग सेंटर रसदा में बालिकाओं को ट्रेनिंग देकर ओलंपिक में पदक दिलाने के लिए खिलाड़ी तैयार कर रहे है। जिसे लोगो ने काफी पसंद किया है । अपने बच्चों को ट्रेनिंग सेंटर में खुद लेकर जाते हैं। दूर दराज से आने वाले बच्चों के लिए 11 ऑटो की सुविधा सेंटर की तरफ से बच्चों के लिए डियां गया है। जो क्षेत्र में चर्चा का विषय है। बच्चे बच्चियां यँहा बड़ी लग्न से मार्शल आर्ट कराटे सिख रहे हैं।

