रांची के ऑर्किड मेडिकल सेंटर में 47 वर्षीय महिला की सफल बेरिएट्रिक सर्जरी
उन्नत तकनीक और विशेषज्ञ सर्जन की मेहनत से बोकारो निवासी सीमा मेहता को मिला नया जीवन
गणादेश,रांची :झारखंड की चिकित्सा दुनिया में एक नई इबारत लिखी गई है। राजधानी रांची के ऑर्किड मेडिकल सेंटर, एच.बी. रोड ने एक और ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए बोकारो की 47 वर्षीय सीमा मेहता की जटिल बेरिएट्रिक सर्जरी पूरी तरह सफलतापूर्वक संपन्न की है।

सर्जरी से पहले सीमा मेहता का वजन 118 किलोग्राम और बीएमआई 64.32 था, जो उन्हें Obesity Class-3 यानी अत्यधिक मोटापे की श्रेणी में रखता है। मोटापे के कारण वे न केवल शारीरिक असुविधाओं से गुजर रही थीं, बल्कि भविष्य में डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और स्लीप एपनिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी था।
11 अगस्त को हुई यह सर्जरी बेहद चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन इसे सफल बनाने का श्रेय जाता है झारखंड और बिहार के ख्यातिप्राप्त बेरिएट्रिक, मेटाबोलिक एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. निरुपम सिन्हा (MBBS, MS, FMBS, FMAS, FIAGES, FALS (Robotic), CICO) को।मरीज ने ऑपरेशन के बाद सिर्फ 3 दिनों में ही स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा ली। पहले दिन आईसीयू में निगरानी, अगले दो दिन सामान्य वार्ड में रहकर उन्होंने रिकवरी की। दूसरे दिन से ही उन्होंने फिजियोथेरेपिस्ट की मदद से चलना शुरू कर दिया और तीसरे दिन बिना सहारे के चलने लगीं।
सर्जरी के बाद सीमा मेहता का वजन अब तक 118 किलो से घटकर 98 किलो हो चुका है। यानी उन्होंने 19 किलो वजन कम किया है और आगे और बेहतर नतीजों की उम्मीद है। सबसे बड़ी बात—उन्हें किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या या जटिलता का सामना नहीं करना पड़ा।
डॉक्टरों का मानना है कि मोटापा सिर्फ दिखावे की समस्या नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ है।



