झारखंड विधानसभा मानसून सत्र को लेकर अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने की उच्चस्तरीय बैठक, दिए निर्देश
रांची: झारखंड विधानसभा के आगामी मानसून सत्र एक अगस्त से सात अगस्त्र तक आहूत होना है. बुधवार को इसकी तैयारियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रबिन्द्रनाथ महतो ने विधानसभा भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अलका तिवारी,डीजीपी अनुराग गुप्ता,रांची के एसएसपी सह डीआईजी चंदन कुमार सिन्हा सहित सभी विभागों के सचिव , जनसंपर्क विभाग और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। अध्यक्ष ने सत्र को सफल और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए कई आवश्यक निर्देश दिए।
अध्यक्ष महतो ने अधिकारियों से कहा कि मानसून सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने सदन की कार्यवाही के डिजिटलीकरण, साउंड सिस्टम, लाइव प्रसारण, मीडिया कवरेज, विधायकों की सुविधा और आगंतुक प्रबंधन जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही, विधायकों के प्रश्नों और कार्यसूची को समयबद्ध रूप से सदन में लाने पर जोर दिया।
स्पीकर ने सभी अधिकारियों से पूरी तैयारी के साथ विधानसभा पहुंचे. साथ ही कहा कि विधानसभा में जो भी प्रश्न आयेंगे उसका उत्तर समय पर मिलना चाहिए.
वहीँ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि विधानसभा परिसर की सुरक्षा चाक-चौबंद होनी चाहिए। आगंतुकों के प्रवेश के लिए पास प्रणाली को और सख्त किया जाए तथा CCTV मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाए। उन्होंने आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विशेष दल तैयार रखने को भी कहा।
बैठक में यह तय किया गया कि पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के लिए उपयुक्त स्थान की व्यवस्था की जाएगी और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा। साथ ही, मानसून सत्र के दौरान जनहित के विषयों पर सुचारु चर्चा सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया गया।
अध्यक्ष ने कहा कि यह सत्र जनहित के कई मुद्दों पर आधारित रहेगा, इसलिए इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
क्या कहा संसदीय कार्य मंत्री ने :
बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मिडिया से बात करते हुए कहा कि कि सदन में जो भी प्रश्न आ रहे हैं उसका उत्तर इतना संतोषप्रद होना चाहिए. जिसमें सदस्य संतुष्ट हो सके. बैठक में 29 विषयों पर चर्चा की गई है. जिसमें राज्य के कई ज्वलंत विषयों का ब्रीफिंग के लिए अधिकारियों को तैयार रखने का निर्देश दिया गया है.
मंत्री कहा कि एक चिंता का विषय है कि पिछले बजट सत्र में शून्यकाल 391 प्रश्न आये थे,जिसमें चार महीने हो गए, इसमें मात्र 31 उत्तर प्राप्त हुए हैं. आश्वासन समिति की बात की जाय तो 1371 लंबित है.निवेदन समिति में कुल135 आये थे.इसमें 9 का उत्तर प्राप्त हुआ है,126 का उत्तर अबतक नहीं मिला है. पांच ध्यानान्कर्षण का उत्तर अबतक नहीं मिला है.यह अत्यंत दुख की बात है. विधानसभा सत्र जब चलता है तो जनता का ध्यान सदन पर रहता है. यदि प्रश्नों के उत्तर लंबित हो तो यह कार्यपालिका का शिथिलता दर्शाती है. उन्होंने कहा कि इसमें कार्यपालिका सहयोग नहीं कर रहा है. इसके बगैर सदन बेहतर ढंग से नहीं चल सकता है.



