भोजपुर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन
*अनूप कुमार सिंह
भोजपुर(आरा)जिला मुख्यालय स्थित
बड़ी मठिया आरा के प्रांगण में वर्षों बाद मठ मंदिर संरक्षण सह सेवा समिति के द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया।सोमवार को छठवें दिन परम पूज्य श्री गंगा मिश्रा जी द्वारा कथा के अंतर्गत भगवान श्रीकृष्ण की बहुत ही सुंदर रासलीला का दर्शन कराया गया । जिसमे श्री गंगा मिश्रा जी ने बताया कि महारास में पांच अध्याय हैं। उनमें गाये जाने वाले पंच गीत, भागवत के पंच प्राण हैं।जो भी ठाकुरजी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है। वह भक्त वैतरणी पार हो जाता है। उसे वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती है। कथावाचक ने भगवान का मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी के आश्रम में विद्या ग्रहण करना, उद्धव-गोपी संवाद, द्वारका की स्थापना, रुक्मणी विवाह के प्रसंग का संगीतमय भावपूर्ण पाठ कर भक्तजनों को श्रवण कराया। श्रीकृष्ण रुक्मणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया । श्री गंगा मिश्रा जी ने कथा में बताया कि श्रीहरि नारायण पूर्ण ब्रह्म स्वरूप भगवान कृष्ण के रूप में अवतार हुआ है। उनकी अनेकों लीलाएं हैं । भगवान कृष्ण की लीला को बस गाना चाहिए , क्योंकि वो लीला के महासागर हैं। हम उनके बराबर नहीं कर सकते ,ना ही भगवान की रास लीला को सामान्य समझना चाहिए ।क्योंकि भगवान कृष्ण योगेश्वर हैं। उन्होंने एक साथ जितनी गोपिकाएं थी, उनके स्वरूप बना लिए थे ।आज ब्रज की होली का भी दर्शन कराया गया ।भगवान कृष्ण और रुक्मणि विवाह की सुंदर कथा हुई। कथा शुरु होने से पूर्व यज्ञ मंडप में मंत्रोचार द्वारा मुख्य आचार्य पंडित ऋषिदेव पांडेय ने अपने सहयोगी पंडित दिनेश तिवरी, पंडित सुरेन्द्र तिवारी, पंडित अभिषेक पांडेय, पंडित शिवजी ओझा आदी विद्वान पंडितों ने अपने मंत्रोचार के ध्वनी मात्र से अग्नी स्थापन कराई हवनकुंड में !
इस अवसर पर मुख्य रुप से भागवत कथा में मठ मंदिर संरक्षण सह सेवा समिति के अध्यक्ष चंदन ओझा, दीनानाथ मिश्रा,योगेंद्र सिंह, विजय जी , हरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ दीपू , राकेश रंजन उर्फ पुतुल, सुदर्शन राम, शिवजी ओझा, अमरदीप कुमार जय समाजसेवी, एनूलहक मोलबी साहेब कबारी वाले, दीपक सिंह , सचितानंद ओझा, पवन पांडेय एवं कथासेवक सह यज्ञमंडप की सफाई पॖभारी माया देवी संग हजारो महिला पुरुष आदी कथाभक्त भक्तों ने शामिल होकर सामुहिक आरती गाण के बाद प्रसाद वितरण किया गया l

