विज्ञान एक ऐसा दर्शन है जिसमें चिंतन, मनन व अनुसंधान है : महाप्रबंधक
रजरप्पा:बुधवार को सीसीएल रजरप्पा क्षेत्र स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में ‘विज्ञान मेला ‘ के शुभारम्भ में मुख्य अतिथि रजरप्पा क्षेत्र के महाप्रबंधक प्रभुनाथ यादव ने बच्चों को विज्ञान की उपयोगिता एवं आश्यकता को बताते हुए कहा कि, विज्ञान एक ऐसा दर्शन है ,जिसमें चिंतन और अनुसंधान है। बच्चों को इस ओर उन्मुख करने की आवश्यकता है। विज्ञान मेला के शुभारंभ सत्र में उनके साथ स्टाफ़ ऑफिसर एस. के.गोस्वामी,प्रबन्ध समिति के सचिव गोपाल नायक,सह सचिव सुधाकर सिंह, कोषाध्यक्ष आशीष झा, उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चौधरी, सदस्य महेंद्र प्रसाद, राजेश्वर शर्मा, केवल विजय प्राचार्य उमेश प्रसाद उपस्थित थे। इसके पूर्व अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं वंदना की गई। विज्ञान मेला में बच्चों ने निर्धारित विभिन विषयों पर आधारित कुल 78 प्रदर्श का प्रदर्शन किया।इसमें मुख्य रूप से जल संरक्षण,ऊर्जा संरक्षण,खाद्य श्रृंखला,संक्रामक रोगों से बचाव, प्रकाश,तन्तु एवं वस्त्र उत्पादन,वायु एवं जल प्रदूषण,प्रकाश,ध्वनि, सेंसर,कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मानव शरीर द्रव्य एवं परिसंचरण तथा नवाचार आदि थे। यह क्रमशः शिशु, बाल, किशोर एवं तरुण वर्ग में विभाजित था। बच्चों के प्रदर्श को निर्णायको द्वारा चयनित किया गया तथा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चयनित भैया-बहनों को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि देवराज साहब,महाप्रबंधक(संचालन),प्रबन्ध समिति के उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा, सदस्य मनोज कुमार साह, उपस्थित थे।कार्यक्रम प्रमुख विज्ञान शिक्षिका ज्योति राजहंस के द्वारा कार्यक्रम का वृत्त प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि प्रथम, द्वितीय स्थान प्राप्त प्रदर्श 23 से 25 सितंबर तक सरस्वती विद्या मंदिर भूली नगर, धनबाद में आयोजित प्रांतीय विज्ञान मेला में भाग लेंगे।
विज्ञान मेला को सफल बनाने में विज्ञान के आचार्य अशोक कुमार सुधांशु, इंद्रजीत सिंह,अनिल कुमार, चितरंजन लाल खन्ना , सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारीगण तथा निर्णायक के रूप में विज्ञान शिक्षक गजेंद्र कुमार डी. ए. वी.पब्लिक स्कूल, सुजीत कुमार , आदि की प्रमुख भूमिका रही।कार्यक्रम का संचालन गायत्री कुमारी एवं गायत्री पाठक ने की जबकि धन्यवाद ज्ञापन मिथिलेश कुमार खन्ना ने किया।
प्रथम स्थान प्राप्त
शिशु वर्ग-
आराध्या,तन्नूश्री, यशश्वी, दिव्यांशु राज,सेजल,श्रुति, माही।
बाल वर्ग-
लक्ष्मी, हर्ष कुमार, रागिनी,साधना,मानशी, जाह्नवी,अभिषेक,करिश्मा,तन्नू भट्टाचार्य।
किशोर वर्ग-
प्राची, उत्कर्ष, सुप्रिया, जिज्ञासु,राधा कुमारी,उज्ज्वल , प्रिंस, आनन्द कुमार एवंअंजनी कुमार।
तरुण वर्ग-
आंनदी एवं प्रेरणा, आयुष एवं सुमित कुमार।
गणित प्रदर्श-
अलीशा कुमारी, कृतिका कुमारी।
शेष सभी प्रतिभागियों को वंदना सभा में सांत्वना पुरस्कार प्रदान की जाएगी। अंत में प्राचार्य श्री प्रसाद ने प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से बच्चों का उत्साहवर्द्धन क़िया।

