सिंगल यूज प्लास्टिक हटाओ, जल, जंगल, जमीन बचाओ
रांची। आरोग्य भारती के प्रांत संरक्षक प्रवीण प्रभाकर ने कहा है कि सिंगल यूज प्लास्टिक जल, जंगल व जमीन के लिए बड़ा खतरा बन चुका है, इसलिए भारत सरकार द्वारा इसपर प्रतिबंध लगाने के निर्णय का स्वागत है। आरोग्य भारती काफी पहले से इसपर प्रतिबंध की मांग करती रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक हटाओ, जल, जंगल, जमीन बचाओ।
आरोग्य भारती द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर मोरहाबादी के जीवन कंपाउंड में कार्यक्रम आयोजित किया गया और प्रान्त संरक्षक प्रवीण प्रभाकर के नेतृत्व में वृक्षारोपण किया गया तथा पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर डॉ प्रेम प्रकाश, सुमन सिन्हा, अनन्त राम महतो, मनोज चौधरी, तापस महतो, संजय किशोर, पंकज कुमार आदि उपस्थित थे।
श्री प्रभाकर ने लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की अपील की। प्रतिबंध तभी सफल होगा जब जनभागीदारी होगी। यह वैश्विक स्तर पर मिट्टी, जल, पर्यावरण और हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद गंभीर खतरा बन चुका है। इनका न तो रिसाइकिल हो पाता है और न ही ये मिट्टी में घुलनशील हैं, जिससे मिट्टी एवं पर्यावरण की हानि पहुंचाते हैं। इनसे बने कप-प्लेट या गिलास के उपयोग से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
श्री प्रभाकर ने कहा कि घरेलू समारोहों में भी प्लास्टिक की बजाय पत्तल एवं दोना तथा मिट्टी के गिलास का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। तापस महतो ने कहा कि वनों तथा जलप्रपात में भी पिकनिक जाने के बावजूद पर्यटक वहां पत्तल की बजाय प्लास्टिक एवं थर्मोकोल के कप-प्लेट का उपयोग कर प्रदूषण फैलाते हैं, जो बताता है कि जागरूकता की बहुत कमी है।

