राहुल गांधी और हेमंत सोरेन ने साजिश के तहत छात्र आंदोलन को समाप्त करने के लिए परीक्षा रद्द करने का रचा ढोंग : बाबूलाल मरांडी
रांची : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी, फूड सेफ्टी ऑफिसर नियुक्ति रद्द करने के सरकार के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक को लेकर हेमंत सरकार की नीयत पर सवाल उठाया है।
श्री मरांडी ने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह आशंका हमने पहले ही दिन व्यक्त कर दी थी कि छात्रों के प्रति सरकार की नीयत ठीक नहीं है। जिस तरीके से सरकार बिना उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाए, तुगलकी फरमान जारी कर एक झटके में JPSC-JSSC की नियुक्तियों और परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा कर रही थी, हमने उसी समय कहा था कि यह फैसला हाईकोर्ट में टिक नहीं पाएगा और इस पर स्थगन आदेश आ सकता है।
श्री मरांडी ने कहा कि राहुल गांधी और हेमंत सोरेन ने सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत छात्र आंदोलन को समाप्त करने के लिए परीक्षा रद्द करने का ढोंग रचा। सरकार ने छात्रों को कानूनी विशेषज्ञों के साथ वार्ता के लिए बुलाया और बातचीत का भरोसा दिया, लेकिन उसके बाद खुद ही पीछे हट गई और बंद कमरे में परीक्षाओं को रद्द करने का फरमान जारी कर दिया।
श्री मरांडी ने कहा कि हमने सरकार से कैविएट दाखिल करने का आग्रह भी किया था, ताकि न्यायालय में मामला जाने पर स्टे लगने से पहले सरकार अपना पक्ष रख सके। लेकिन कहावत है…चोर चोरी से जाए, हेराफेरी से न जाए। मुख्यमंत्री ने आखिरकार मेरी आशंका को सही साबित कर दिया। सरकार ने छात्रों को भ्रम में रखकर आंदोलन समाप्त कराया। राजनीतिक साजिश की अज्ञानता में छात्र भी इस चाल का शिकार हो गए।


