पीएम विश्वकर्मा योजना पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
खूंटी: भारत सरकार, एमएसएमई मंत्रालय के एमएसएमई-विकास कार्यालय, रांची द्वारा कन्या मध्य विद्यालय के सभागार में पीएम विश्वकर्मा योजना पर आधारित एकदिवसीय सेमिनार सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लाभार्थियों को योजना से मिलने वाले लाभ, पात्रता एवं आवेदन की प्रकिया इत्यादि के बारे में वृहद रुप से जानकारी देना एवं जागरुक करना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि, श्री अनिकेत सचान, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मौके पर मुख्य अतिथि अनिकेत सचान, एसडीओ, खूंटी ने कहा कि भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 17 सितम्बर, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा डिजिटली शुभारंभ किया गया था। भारत सरकार द्वारा इस योजना को प्रारंभ करने का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को आर्थिक सहायता एवं उन्नत उपकरण प्रदान करते हुए उनके व्यवसाय में बढ़ोतरी कराना है जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने हेतु सभी को मिलकर एक साथ प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने 18 पारंपरिक विद्याओं में कार्य करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों से इस योजना का लाभ लेने हेतु ज्यादा से ज्यादा संख्या में पंजीकरण कराने का आह्वान किया।इंद्रजीत यादव, आईईडीएस, संयुक्त निदेशक एवं कार्यालय प्रमुख, एमएसएमई-विकास कार्यालय, रांची ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं रूप–रेखा से अवगत कराते हुए बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना में 18 पारंपरिक विद्याओं में कार्य करने वाले कारीगर और शिल्पकार सम्मिलित हैं – कारपेंटर, नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, हथौड़ा और टूलकिट बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, डलिया, चटाई, झाड़ू बनाने वाले, गुड़िया और खिलौने बनाने वाले, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी, मछली का जाल बनाने वाले।उन्होंने यह भी बताया किइस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को 5-7 दिन का प्रशिक्षण एवं रूपए 500/- प्रतिदिन की दर से स्टाइपेंड देय होगा तथा प्रशिक्षण उपरान्त टूल किट हेतु 15 हजार रूपए ई-वाउचर के रूप में प्राप्त होंगे। प्रथम चरण में एक लाख रूपए तका का ऋण तथा द्वितीय चरण में दो लाख रूपए तक का कोलेटरल फ्री ऋण (5 प्रतिशत ब्याज की दर से) की व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षण प्राप्त करने पर पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र और पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
इस दौरान सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर), झारखंड के सहायक प्रबंधक श्री सत्येंद्र कुमार ने इस योजना में रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया, पात्रता एवं मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान श्री राजीव रंजन, महाप्रबंधक,जिला उद्योग केंद्र, खूंटी, श्री बबन कुमार सिंह, श्रम अधीक्षक, खूंटी, श्री सनत कुमार दूबे, एलडीएम, खूंटी एवं श्रीमती अतीन टोपनो, डीईसी, जिला उद्योग केंद्र, खूंटी ने भी विचार व्यक्त किए
कार्यक्रम में सीएससी की ओर से एक “ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन” शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें कई पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों का इस योजना के तहत पंजीकरण किया गया। लगभग 210 से ज्यादा शिल्पकारों और कारीगरों ने इस जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होकर पीएम विश्वकर्मा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में एमएसएमई- विकास कार्यालय,रांची की सहायक निदेशक श्रीमती ज्योत्सना गुड़िया, प्रमोद कुमार, जिला उद्योग केंद्र, खूंटी के ईओडीबी मैनेजर अभिनव राज, ब्लॉक कॉर्डिनेटर, आशीष कुमार सहित अन्य ने उपस्थित थे ।

