मानवाधिकार दिवस पर केंद्रीय कारा में जागरूकता का नया अध्याय

भागलपुर। मानवाधिकार दिवस पर शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा और विशेष केंद्रीय कारा, भागलपुर का वातावरण मंगलवार को कुछ अलग ही था—यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवेदनाओं, कानून और सुधार की सामूहिक समझ को समर्पित एक पहल थी। जेल परिसर में आयोजित मानवाधिकार एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम ने न सिर्फ बंदियों बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी आत्ममंथन का अवसर दिया।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति से बढ़ा महत्व

कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, प्रभारी वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, अपर समाहर्ता (राजस्व), जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सहित विधिक सहायता से जुड़े अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि न्यायिक और मानवाधिकार संबंधी मुद्दों पर सरकार गंभीर है।

मानवाधिकार की अवधारणा पर विस्तृत संवाद

अधिकारियों ने मानवाधिकारों के इतिहास, महत्व और जेल सुधार की जरूरत पर व्यापक जानकारी दी। यह समझाया गया कि बंदी होने के बावजूद प्रत्येक व्यक्ति को मूलभूत अधिकार प्राप्त हैं—सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और न्याय का अधिकार उन्हीं के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना समाज के किसी अन्य नागरिक के लिए।

निरीक्षण और बंदी दरबार

जिला पदाधिकारी ने पूरे कारा परिसर का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का करीब से जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बंदी दरबार आयोजित कर बंदियों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही निर्देश भी दिए। यह पहल बंदियों और प्रशासन के बीच संवाद को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कारा प्रशासन के प्रयासों की सराहना

अधिकारियों ने जेल प्रबंधन की कार्यशैली, स्वच्छता, सुरक्षा और बंदियों के लिए संचालित विभिन्न प्रशिक्षण एवं सुधारात्मक कार्यक्रमों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल जेल का वातावरण बेहतर बनाते हैं, बल्कि बंदियों के भविष्य को भी नई दिशा प्रदान करते हैं।

बंदियों की कला ने जीता दिल

कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण तब आया जब बंदियों द्वारा बनाई गई मंजूषा पेंटिंग और काष्ठ-हस्तशिल्प आगंतुक अधिकारियों को स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट किए गए। इन कलाकृतियों ने यह साबित किया कि यदि अवसर और प्रेरणा मिले तो बंदी भी अपनी प्रतिभा से समाज में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *