नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंजः प्रोजेक्ट के एक्सटेंशन को रद्द करने को अब होगा सत्याग्रह
रांचीः . कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत ने नेतरहाट फिल्ड फायरिंग रेंज को स्थगित किये जाने की मांग की है। प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि 28 सालों से नेतहराट में जान देंगे, जमीन नहीं देंगे का नारा गूंज रहा है. स्थानीय आदिवासी समाज फायरिंग रेंज के विरोध में सत्याग्रह करता आ रहा है. पर इसकी सुनवाई नहीं ली जा रही.
नेतरहाट में हाथी, बाघ और भेड़ियों जैसे जंगली जानवरों के संरक्षण के लिये सरकार काम करने की चिंता कर रही है, स्थानीय आदिवासी समाज की नहीं. 245 गांवों में 1471 वर्ग किमी क्षेत्र को फायरिंग रेंज के लिये अधिसूचित किया गया है. अब इन गांवों के आदिवासी समाज के सामने अपनी विरासत, संस्कृति और जीने के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है. सरकार इसे बचाये. सुखदेव भगत ने कहा कि नेतरहाट में संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन हो रहा है. यह किसी व्यक्ति के जीवन जीने और उसकी निजी स्वतंत्रता और गरिमा को सुनिश्चित करता है. इसका घोर उल्लंघन होने की स्थिति है. ऐसा नहीं है कि आदिवासी समाज सेना और उसके लिये फायरिंग रेंज का विरोधी है. अभी एक माह का समय सरकार के पास है कि वह फायरिंग रेंज के मसले पर जनहित में कदम उठाये. अन्यथा वे स्थानीय लोगों के साथ सत्याग्रह पर उतरेंगे. जब तक सरकार अपेक्षित फैसला नहीं लेती, सत्याग्रह जारी रहेगा.
बताते चलें कि एक जुलाई 2017 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भाजपा अनुसूचित मोर्चा की बैठक में फायरिंग रेंज रद्द करने का घोषणा की थी, लेकिन इसके लिए अधिसूचना जारी नहीं की गयी थी. 29 साल से इसके विरोध में स्थानीय जन समूह आंदोलन कर रहा है, लेकिन सरकार इसे रद्द करने की अब तक अधिसूचना जारी नहीं की है. परियोजना की अवधि मई 2022 में समाप्त हो रही है. सरकार से हमारी मांग है कि नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज का अवधि विस्तार न हो. वहीं इलाके में अवैध खनन कार्यों पर सरकार रोक लगाये.प्रेस वर्ता में अनिल पन्ना, शशि पन्ना मौजूद थे.

