राज्यपाल संतोष गंगवार ने मोरहाबादी मैदान में किया ध्वजारोहण,परेड का किया निरीक्षण,राज्यवासियों को किया संबोधित
गणादेश,रांची : 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में भव्य राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। समारोह में राज्य सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर मोरहाबादी मैदान और आसपास के इलाकों में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया था और किसी भी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक और संदेशपरक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को दर्शाया।
अपने संबोधन में राज्यपाल संतोष गंगवार ने सभी राज्यवासियों और देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह दिन उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने अपने त्याग और बलिदान से देश को आज़ादी दिलाई। राज्यपाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, पंडित जवाहरलाल नेहरू, बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन किया।
इसके साथ ही उन्होंने झारखंड के महान वीरों और आदिवासी नायकों—धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव, नीलांबर-पीतांबर, शेख भिखारी और शहीद विश्वनाथ शहदेव—को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल ने पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्मभूषण सम्मान दिए जाने को पूरे झारखंड के लिए गौरवपूर्ण बताया।
राज्यपाल ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ भारतीय संविधान विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान है, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना से प्रेरित है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में झारखंड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और राज्य निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहेगा।



