पत्रकार के साथ बदसलूकी के विरोध में धरने पर बैठे मीडिया कर्मी
*सरकारी कार्यक्रमों के कवरेज का बहिष्कार
प्रभात कुमार
गोपालगंज। जिले के सदर अस्पताल परिसर में एक मीडियाकर्मी के साथ अस्पताल प्रबंधक के इशारे पर सुरक्षाकर्मियों द्वारा की गई बदसलूकी के विरोध मीडियाकर्मी धरने पर बैठ गए। पीड़ित पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के निरहुआ गांव में हुई एक हत्या के मामले में अस्पताल परिसर में इमरजेंसी वार्ड के बाहर बैठे परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी लेने गए थे। इसी क्रम में अस्पताल प्रबंधन द्वारा जारी एक आदेश का हवाला देकर पीड़ित पत्रकार को बाहर जाने को कहा गया जब उन्होंने इस संबंध में कारण जानना चाहा तो उनके साथ सादे वर्दी में खड़े एक सुरक्षाकर्मी द्वारा अस्पताल प्रबंधक के इशारे पर बदसलूकी की गई। जिससे आक्रोशित मीडियाकर्मियों का एक समूह धरने पर बैठ गया। मीडियाकर्मी यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर अस्पताल परिसर में मीडिया कर्मियों के प्रवेश एवं कवरेज पर प्रतिबंध क्यों? यद्यपि इस संबंध मे अस्पताल प्रबंधन द्वारा जानकारी देने के लिए कोई सामने नहीं आया। मीडियाकर्मियों ने इस समस्या के निराकरण तक सभी तरह के सरकारी कवरेज का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। अब सवील उठता है कि आखिर मीडिया कर्मियों पर ऐसा प्रतिबंध क्यों लगाया जा रहा है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अस्पताल परिसर में चहुंओर कुव्यवस्था है। आलम यह है कि साफ-सफाई से लेकर मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं कागजों तक ही सीमित है परिसर में गंदगी का अंबार लगा रहता है। स्वास्थ सुविधाओं का हाल यह है कि परिजन अपने मरीजों को कंधों पर ढोने को विवश हैं। अपनी इन व्यवस्थाओं को छिपाने के लिए सदर अस्पताल प्रबंधन ने मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर ही प्रतिबंध लगा दिया है। अब सवाल उठता है लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर लगाया गया प्रतिबंध कहां तक जायज है। यदि नहीं तो ऐसा आदेश जारी करनेवाले अधिकारी के विरुद्ध सरकार क्या कार्रवाई करती है?

