मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र में “साइलेंट लैंग्वेज ऑफ टीचिंग” पर व्याख्यान
रांची: मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र रांची विश्वविद्यालय, मोरहाबादी में सामाजिक विज्ञान विषय के अंतर्गत आयोजित रिफ्रेशर कोर्स के दौरान एक महत्वपूर्ण अकादमिक व्याख्यान संपन्न हुआ। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के विश्वविद्यालय अंग्रेज़ी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भरत ने “The Silent Language of Teaching: Mastering Non-Verbal Communication for Effective Classroom Management” विषय पर प्रतिभागी शिक्षकों को संबोधित किया।
डॉ. भरत ने कहा कि प्रभावी शिक्षण केवल शब्दों और पाठ्यवस्तु तक सीमित नहीं होता, बल्कि शिक्षक की देह-भाषा, हाव-भाव, नेत्र-संपर्क, स्वर-लय, मौन और कक्षा में उसकी उपस्थिति विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया को गहराई से प्रभावित करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थी शिक्षक के कहे शब्दों से अधिक उसके आचरण और प्रस्तुति से सीखते हैं।
व्याख्यान में गैर-मौखिक संप्रेषण के विभिन्न आयामों—काइनेस्टिक्स, ऑक्यूलसिक्स, प्रॉक्सेमिक्स, क्रोनैमेक्स और पैरालिंग्विस्टिक्स—पर व्यावहारिक उदाहरणों के साथ चर्चा की गई। उन्होंने “सूत्र मॉडल”—Silence, Understanding, Tone, Reaction और Action—के माध्यम से बताया कि शिक्षक बिना बोले भी कक्षा का प्रभावी संचालन कर सकता है।
इस अवसर पर बैक-बेंचर मनोविज्ञान, कक्षा अनुशासन और शिक्षक-छात्र संबंध जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. रीता कुमारी ने व्याख्यान को उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे सत्र शिक्षकों को नवाचार और आत्ममूल्यांकन के लिए प्रेरित करते हैं।



