एलपीजी किल्लत को लेकर झामुमो का केंद्र सरकार पर हमला, कहा—‘बड़बोली सरकार जनता का निवाला छीन रही है’
गणादेश,रांची : देश में एलपीजी की कथित कमी को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। बुधवार को प्रदेश झामुमो कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्र की नीतियों को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की विदेश नीति को व्यक्तिगत नीति की तरह संचालित किया है, जिसके कारण आज भारत को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिका और इजराइल के प्रति झुकाव दिखाया, जबकि रूस जैसे पुराने सहयोगी देशों के साथ संबंध कमजोर हुए। उनके अनुसार, जब वैश्विक बाजार में सस्ते दामों पर तेल और गैस उपलब्ध थे, तब भी भारत ने उसका पूरा लाभ नहीं उठाया।
उन्होंने कहा कि इसका असर अब देश के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। कई राज्यों में एलपीजी की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। राजधानी रांची में भी एलपीजी की कमी के कारण कई होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। कई लॉज में टिफिन सेवा बंद हो चुकी है, जबकि लगभग 25 प्रतिशत मेस भी बंद हो गए हैं। इसके अलावा नाश्ते के कई छोटे स्टॉल भी प्रभावित हुए हैं।
झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि देश इस तरह के संकट के लिए तैयार नहीं था और इसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते स्थिति को नहीं संभाला गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने ऑडियो संदेश का भी जिक्र किया, जिसमें वैकल्पिक ऊर्जा के रूप में नालियों से गैस निकालकर उपयोग करने की बात कही गई थी। इस पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने आशंका जताई कि अंतरराष्ट्रीय हालात और लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर और दबाव पड़ सकता है। ऐसे में त्योहारों और शादी-व्याह के मौसम में एलपीजी, सीएनजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कमी से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। झामुमो ने केंद्र सरकार से स्थिति को जल्द नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।



