झारखण्ड चैम्बर ने विभिन्न देशों के दूतावासों को निवेश एवं व्यापार सहयोग हेतु पत्र भेजा

रांची : फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने झारखण्ड में व्यापार, उद्योग एवं निवेश की व्यापक संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत स्थित कई देशों के राजनयिक दूतावासों को पत्राचार किया है। इस पहल के अंतर्गत ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, अजरबेजान, बहरेन, बांग्लादेश, बेलारूस, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चिली, चीन, चेक रिपब्लिक, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इजराइल, इटली, जापान, जॉर्डन, कजाकिस्तान, मेडागास्कर, मलेशिया, नेपाल, नीदरलैंड, न्यूज़ीलैंड, फिलीपींस, रूस तथा सिंगापुर के दूतावासों को झारखण्ड में निवेश एवं दीर्घकालिक व्यापारिक साझेदारी के लिए आमंत्रित किया गया है।

प्रेषित पत्र में चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने झारखण्ड को भारत का खनिज भंडार बताते हुए कहा कि राज्य में देश के लगभग 40 प्रतिशत खनिज संसाधन उपलब्ध हैं, जो इसे मेटल्स एवं माइनिंग सेक्टर का प्रमुख केंद्र बनाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने ग्रीन एनर्जी एवं क्रिटिकल मिनरल्स, ऑटोमोबाइल पार्ट्स एवं इंजीनियरिंग, फूड एवं फीड प्रोसेसिंग, स्किल डेवलपमेंट तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अपार निवेश संभावनाओं को रेखांकित किया। यह भी उल्लेख किया गया कि झारखण्ड सरकार की इन्वेस्टर फ्रेंडली नीतियाँ, विशेष रूप से झारखण्ड इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, राज्य को वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाती हैं। चैम्बर ने सभी देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों को रांची स्थित चैम्बर भवन आने का औपचारिक आमंत्रण भी दिया है ताकि झारखण्ड के उद्योग जगत के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर ठोस व्यापारिक एवं निवेश सहयोग को आगे बढ़ाया जा सके।

उक्त जानकारी देते हुए चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि झारखण्ड से एक उच्चस्तरीय व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल उपयुक्त समय पर संबंधित देशों की व्यापारिक यात्रा करने के लिए भी तैयार है। हमारा मानना है कि यह पहल राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक सशक्त और विश्वसनीय साझेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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