एक्शन में बिहार पुलिस, छह महीने में 2507 लोगों को दिलाई सजा, 466 को उम्र कैद, छह को फांसी की सजा

पटना। बिहार पुलिस पूरी तरह से एक्शन में है। दोषियों को सजा दिलाने में काफी तत्परता से काम कर रही है। इस साल जनवरी से जुलाई तक में स्पीडी ट्रायल के जरीए 2507 अपराधियों को सजा दिलाई गई है। इसमें छह दोषियों को फांसी की सजा मिली है। 466 दोषियों को उम्र कैद की सजा मिली है। 220 अपराधियों को 10 साल या उससे अधिक की सजा मिली है। 862 दोषियों को 10 साल या उससे कम की सजा मिली है। 953 दोषियों को दो वर्ष से कम की सजा सुनाई गई है। पहली छमाही में हत्या के 205 कांडों में 442 को, दुष्कर्म के 144 कांडों में 171 को, पाक्सो अधिनियम के 206 कांडों में 243 को और आर्म्‍स एक्ट के 163 कांडों में 220 अपराधियों को सजा सुनाई गई है। इसके अलावा डकैती के 13 कांडों में 25, अपहरण के 19 कांडों में 27, एससी-एसटी अधिनियम के 44 कांडों में 111 और अन्य 782 कांडों में 1268 अपराधियों को कोर्ट से सजा दी गई है। स्पीडी ट्रायल सजा दिलाने के मामले में मधेपुरा, पटना और बक्सर जिला शीर्ष तीन में शामिल हैं। मधेपुरा में छह माह में 124 अपराधियों को, पटना में 91 अपराधियों को जबकि बक्सर में 67 अपराधियों को स्पीडी ट्रायल से सजा सुनाई गई। इसके अलावा मोतिहारी में 61, औरंगाबाद व सीतामढ़ी में 57, भागलपुर में 55, नालंदा में 51, रोहतास में 49, सुपौल में 47 और दरभंगा में 46 अपराधियों को सजा सुनाई गई है। पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार, अपराध पर अंकुश लगाने के साथ पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए जघन्य कांडों का स्पीडी ट्रायल कराया जा रहा है।

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