आवास योजना के लिए कई सालों से गिड़गिड़ा रही हूँ नहीं सुनते मुखिया और ना ही कोई पदाधिकारी : पारो देवी
पतरातू प्रखंड के कटिया पंचायत के ग्राम कटिया निवासी पारो देवी का कहना है कि पिछले कई वर्षों से आवास योजना के लिए मैं अपने मुखिया के पास गिड़ गिड़ा रही हूँ मगर कभी मेरी मजबूरी को नहीं समझा गया। उन्होंने कहा कि तीन बार से मुखिया पद पर काबिज रहने के बावजूद मुझ गरीब महिला को एक आवास योजना का लाभ नहीं दिला पाए हमारे मुखिया जी। जब भी कहने जाती हूँ तो कहते हैं कि आपका घर तो बना हुआ है। वहीं उन्होंने सीधे शब्दों में यह आरोप लगाया कि कटिया बस्ती में किन के घर पक्के नहीं है फिर उन्हें कैसे मिलता है आवास योजना का लाभ ? एक एक घर में दो-दो आवास योजना दिया गया जिनके ससुर की सरकारी नौकरी है वे भी आवास योजना की लाभ ले रहे हैं और मैं तो कुछ करती भी नहीं। हर रोज अपने माथे में सब्जी की टोकरी लेकर न्यू मार्केट में सब्जी बेचती हूँ। जिसे पिछले 10 -12 सालों से लोग देख रहे हैं। सब्जी बेच बेच कर दो पैसे बचा कर जैसे तैसे एक घर बनाई तो क्या इसलिए मेरा नाम आवास योजना से हटाना उचित होगा। कटिया बस्ती में कई लोग नौकरी पेशा हैं उन्हें भी आवास योजना का लाभ मिलता है। हम तो दिहाड़ी मजदूरी में काम करने वाले हैं। हमारे घर में कोई सरकारी नौकरी में भी नहीं फिर भी इतने सालों से मेरी विनती को क्यों नहीं सुना जा रहा है? उन्होंने कहा कि जो सुखी संपन्न और परिपूर्ण हैं मुखिया जी या अन्य पदाधिकारी उन्हीं पर मेहरबान हैं मुझ जैसे गरीब की संज्ञान लेने वाला कौन है। बड़े ही दुख और करुणा भरे स्वर में पारो देवी कहती है कि हमारे घर में कोई ऐसा सफल स्रोत नहीं है आय का जिससे हम समाज में प्रतिष्ठित गिने जाएंगे शायद इसलिए हमें इन योजनाओं से वंचित रखा जाता है। इस तरह का सौतेला व्यवहार करना किसी मुखिया को क्या शोभा देता है उक्त बातें पारो देवी ने कही।

