बीएसएल में “निष्ठा” पहल का भव्य शुभारंभ

बोकारो – बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-2026 आयोजन समिति द्वारा एक विशेष पहल “निष्ठा” प्रशिक्षण और जागरूकता के माध्यम से समावेशी, सुरक्षित और उत्पीड़न मुक्त कार्यस्थल का पोषण की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत प्रथम शिक्षण सत्र का आयोजन दिनांक 24 फरवरी  को कोक ओवन, आरएमपी एवं आरएमएचपी विभाग में किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन अनुभाग प्रभारी (विद्युत) कोक ओवन एवं कोल केमिकल  अंजनी कुमार तथा महाप्रबंधक (बीई) एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आयोजन समिति की अध्यक्ष  अनुपमा तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  नीना सिंह  एवं सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  नंदा प्रियदर्शिनी की उपस्थिति प्रबंधन की कर्मचारी कल्याण और लैंगिक संवेदनशीलता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।प्रशिक्षण सत्र का संचालन सहायक महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  शिप्रा एन. हेम्ब्रम एवं वरीय प्रबंधक (मानव संसाधन)  सुष्मिता सोरेन द्वारा किया गया। सत्र के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम  के प्रावधानों के साथ-साथ कंपनी की विभिन्न नीतियों जैसे मातृत्व अवकाश, पितृत्व अवकाश, चाइल्ड केयर लीव और लघु परिवार योजना पर विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने महिला कर्मचारियों के लिए सहायक उपायों, जैसे ‘शॉर्टर वर्किंग पीरियड स्कीम’ और बाहरी रोजगार के अवसरों के लिए आवेदन अग्रेषित करने संबंधी नियमों पर भी प्रकाश डाला. इसके अतिरिक्त, महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘सखी पोर्टल’ और ‘महिला नेतृत्व विकास कार्यक्रम’ जैसी विशिष्ट पहलों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।इस अभियान की निरंतरता में “निष्ठा” कार्यशाला के दूसरे सत्र का आयोजन  25 फरवरी को ब्लास्ट फर्नेस विभाग में किया गया। सत्र का शुभारंभ कार्यकारी मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस)  महेंद्र प्रसाद द्वारा किया गया। इस सत्र में भी सुश्री शिप्रा एन. हेम्ब्रम और सुष्मिता सोरेन ने कर्मियों को कार्यस्थल पर अधिकारों, जिम्मेदारियों और सम्मानजनक आचरण के प्रति जागरूक किया। दोनों ही सत्रों के अंत में चर्चा किए गए विषयों पर आधारित एक ‘ऑन-द-स्पॉट’ क्विज़ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। “निष्ठा” पहल का सफल शुभारंभ बीएसएल में एक सुरक्षित, समावेशी और उत्पीड़न मुक्त कार्य वातावरण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से संयंत्र में एक ऐसी कार्य-संस्कृति विकसित की जा रही है जहाँ प्रत्येक कर्मचारी, विशेषकर महिलाएँ, स्वयं को सुरक्षित और सशक्त महसूस कर सकें।

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