गणादेश खासः वितरण निगम पर बिजली कंपनियां कर रहीं तगादा पर तगादा, निगम के पास पैसा ही नहीं
डीवीसी,एनटीपीसी के साथ आधुनिक पावर ने बिजली वितरण निगम को भेजा रिमांडर
अब कर्जा चुकाने के लिए वितरण निगम ने राज्य सरकार से मांगा 600 करोड़
रांचीः झारखंड की बिजली आपूर्ति व्यवस्था अनकंट्रोल हो गई है। डीवीसी, एनटीपीसी और आधुनिक पावर झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम पर तगादा पर तगादा कर रही हैं। इन तीनों कंपिनयों ने झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम को रिमांडर भेजा भेज पैसे की मांग की है। इसके जवाब में वितरण निगम एक ही जवाब दे रहा है कि राशि देने की प्रक्रिया चल रही है। डीवीसी का बकाया बढ़कर 4000 करोड़ रुपए हो गया। बकाया राशि नहीं मिलने पर डीवीसी राज्य के सात जिले धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, कोडरमा और गिरिडीह में हर दिन सात से आठ घंटे बिजली की कटौती कर रहा है। एनटीपीसी का बकाया बढ़कर 400 करोड़ पीटीसी(पावर ट्रेड्रिंग कॉरपोरेशन) का बकाया बढ़कर 300 करोड़ और आधुनिक पावर का बकाया बढ़कर का 300 करोड़ रुपए हो गया है। हालांकि इन कंपनियों से बिजली मिल रही है। लेकिन इन कंपिनयों द्वारा रिमाइंडर भेज कर कहा जा रहा है कि बकाया नहीं मिलने से बिजली उत्पादन में परेशानी आ रही है। इस कंपिनयों का कर्जा चुकाने के लिए वितरण निगम ने राज्य सरकार से 600 करोड़ रुपए की मांग की है। इसके लिए वितरण निगम ने ऊर्जा विभाग को एक पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि बिजली आपूर्ति करने वाली कंपिनयों को अगर बकाया राशि नहीं दी गई तो वे बिजली काट सकती हैं। वितरण निगम ने राज्य सरकार से सब्सिडी के रूप में राशि की मांग की है। कहा है कि इस राशि से बिजली कंपनियों को भुगतान किया जा सकता है।

