गणादेश इंपैक्ट:भोजपुर पुलिस अधीक्षक के पहल पर दरोगा चौधरी को मिला परिजनों का सहारा
अनूप कुमार सिंह
भोजपुर(आरा) “अपनों ने ठुकराया!अब आरा सदर अस्पताल में जिन्दगी और मौत से जूझ रहे बेसहारा!”शीर्षक से प्रकाशित गणादेश की खबर ने दरोगा चौधरी को पुनः उनके परिजनों को सहारा दिलवा दिया।जी हां!भोजपुर पुलिस अधीक्षक की पहल पर दरोगा चौधरी जो पिछले कई दिनों से आरा सदर अस्पताल में जिन्दगी और मौत से जूझ रहे हैं,उनको परिजनों का सहारा मिल गया है।अब उनके जीवन में फिर से उजाला दिखने लगा है।बेसहारा दरोगा चौधरी को पुनः जीने का सहारा मिल गया है।गौरतलब हो कि पिछले दिनों भोजपुर जिले के सन्देश प्रखण्ड अंतर्गत कोरी निवासी दरोगा चौधरी को उनके परिजनों ने ही गंभीर हालत में सदर अस्पताल में छोड़कर चले गए थे।हैरत की बात तो यह है कि दरोगा चौधरी की हालत काफी खराब है।उनका एक पैर पूरी तरह से खराब हो गया है।वहीं दूसरा पैर भी गंभीर हालत में है।लेकिन विडंबना यह है कि उनके जिन्दगी के सबसे बुरे दौर में ही परिजनों ने साथ छोड़ दिया। गणादेश अखबार में दरोगा चौधरी को समुचित सहायता व बेहतर इलाज को लेकर ” अपनों ने ठुकराया,अब ईश्वर ही सहारा !*सदर अस्पताल में जिन्दगी और मौत से जूझ रहे बेसहारा!शीर्षक खबर छपी। वहीं समाजसेवी अमरदीप कुमार जय उनकी टीम के द्वारा भोजपुर पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव तक खबर पहुंचाया गया।भोजपुर पुलिस अधीक्षक ने गणादेश की खबर को गंभीरता से लेते हुए संदेश थाना प्रभारी को आवश्यक निर्देश जारी किया।वहीं संदेश थाना ने कोरी स्थित दरोगा चौधरी के परिजनों को आरा सदर अस्पताल में अविलंब पहुंचने का निर्देश दिया।और इस तरह एक बेसहारा मरीज जो सदर अस्पताल में जिन्दगी और मौत से जूझ रहे थे, उन्हें परिजनों का सहारा मिल गया।अब दरोगा चौधरी का इलाज उनके परिजनों,भाई,बहन और सभी परिवार जनों के देखरेख में बेहतर इलाज किया जा रहा है।अब उन्हें कोई शिकायत नहीं है।इस जनसेवा में समाजसेवी अमरदीप कुमार जय की काफी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

