नाबालिग लड़की से रेप केस में पूर्व राजद विधायक अरुण यादव साक्ष्य के अभाव में बरी

आरा : नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में राजद के पूर्व विधायक अरुण यादव को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा ने मंगलवार को साक्ष्य के अभाव में संदेश के आधार पर बरी कर दिया है। कोर्ट से रिहाई के बाद पूर्व विधायक अरुण यादव ने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया था। लेकिन, उन्हें सदैव कोर्ट पर भरोसा था। आज उन्हें बरी कर दिया गया गया है। न्याय की जीत हुई है।
दुष्‍कर्म के मामले में नाम आने के बाद अरुण यादव ने अपनी पत्‍नी किरण देवी को इस सीट से टिकट दिलाया था। किरण देवी ही फिलहाल इस सीट से विधायक हैं। पूर्व विधायक राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के भी करीबी रहे हैं।
बता दें कि 26 अगस्त 2022 को प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा ने पूर्व राजद विधायक अरुण यादव के खिलाफ आरोप तय किए थे। उस समय कोर्ट ने पूर्व विधायक अरुण यादव के खिलाफ भादवि की धारा 376 एवं पाक्सो की धारा के तहत आरोप का गठन किया था। जबकि, कोर्ट में पूर्व विधायक ने आरोप से इंकार करते हुए कहा था कि एक साजिश के तहत उन्हें झूठे केस में फंसाया गया है। कोर्ट ने गवाही के लिए पूर्व में 8 सितंबर की तारीख तय की थी।
5 माह पहले किया था कोर्ट में सरेंडर
16 जुलाई 2022 को पूर्व विधायक अरुण यादव ने पाक्सो के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार सिंह के कोर्ट में समर्पण किया था। कोर्ट के आदेश पर पूर्व विधायक को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। पाक्सो के विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि 19 जुलाई 2019 को नगर थाना अंतर्गत कबीरगंज निवासी युवक के बयान पर अनिता देवी समेत दो लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी कराई गई थी। किशोरी के देह व्यापार कराने वाले गिरोह के चंगुल से भाग कर आरा आने के बाद दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पीड़िता के बयान और अनुसंधान के दौरान अमरेश कुमार सिंह समेत अन्य को अप्राथमिक अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस ने अरुण यादव को फरार दिखाते हुए अन्य के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में समर्पित किया था।

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