पूर्वजों की परंपरा निभाते हुए फांसी टुंगरी में हुआ सरना झंडा गड़ी, सरहुल को लेकर उत्साह
रांची :सरहुल महोत्सव को लेकर राजधानी रांची में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी क्रम में केंद्रीय सरना समिति के तत्वावधान में पहाड़ी मंदिर स्थित फांसी टुंगरी में 11वां विशाल सरना झंडा गड़ी सह प्रार्थना सभा का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में सरना धर्मावलंबी शामिल हुए और ढोल-नगाड़ों तथा पूजा-पाठ के साथ परंपरा का निर्वाह किया गया।
केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की के नेतृत्व में पाहन द्वारा पहाड़ की चोटी पर सरना झंडा गाड़कर मानव जाति, जीव-जंतु, वनस्पति जगत, पेड़-पौधे, नदी-नाला और पहाड़-पर्वत में रहने वाले सभी प्राणियों के सुख-समृद्धि, शांति और स्वास्थ्य की कामना की गई।
अजय तिर्की ने कहा कि फांसी टुंगरी हमारे पूर्वजों का पूजा स्थल है, जहां पहले स्व. बुधवा पाहन पूजा किया करते थे। आज भी आदिवासी समाज उनके पदचिन्हों पर चलते हुए इस परंपरा को निभा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से सरना धर्म कोड लागू करने की मांग भी दोहराई, ताकि आदिवासी समाज को उनकी अलग धार्मिक पहचान मिल सके।
इस मौके पर सिरमटोली पहनाई अनिता हंस,और अजय कच्छप, नीरज मुंडा ने कहा कि आने वाले महापर्व सरहुल में आदिवासी समाज अपने घर-आंगन में सरना झंडा लगाए और पर्व के दौरान नशा-पान से दूर रहे।
सरना समिति के पदाधिकारी गहना उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज को अपने पर्व-त्योहार, पूजा-पाठ और रीति-रिवाजों को परंपरागत तरीके से निभाना चाहिए। साथ ही हर गुरुवार को सरना स्थल पर प्रार्थना करने और बच्चों को शिक्षित कर आर्थिक रूप से मजबूत बनने पर जोर दिया।
राजीव पड़हा सरना प्रार्थना सभा के अध्यक्ष नीरज मुंडा ने कहा कि फांसी टुंगरी में सरना झंडा गाड़ी की परंपरा वर्षों पुरानी है। आज भले ही लोग इसे पहाड़ी मंदिर के नाम से जानते हैं, लेकिन आदिवासी समाज लंबे समय से इस पहाड़ की पूजा करता आ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान वार्ड 29 के पार्षद सुनील यादव ने सरना धर्मावलंबियों का माला पहनाकर स्वागत किया।
राजी पड़हा सरना प्रार्थना के अध्यक्ष नीरज मुंडा , सिल्ली सरना धर्म गुरु गोंदरा उंराव, गाहना कच्छप, उतरी छोटानागपुर प्रमंडल धर्म गुरु रामदेव उंराव , खुंटी जिला धर्म गुरु सोमरा मुंडा, महिला प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुभानी तिग्गा, सुतिशा बड़ा, अमित गाड़ी नसीम अहमद, किशोर लोहरा, गुलाबचंद बाड़ा, प्रकाश तिर्की, सावन लिंडा, विक्की, अविनाश, संतोष, सुनिल यादव प्रकाश तिर्की एंव अन्य लोगों की सहयोग रही।



