किराया ना दे पाना आपराधिक मामला नहींः सुप्रीम कोर्ट
गणादेश डेस्कः सुप्रीम कोर्ट ने किराया न दे पाने के एक मामले में अहम फैसला सुनाया है, जो कई मामलों के लिए नजीर बन सकता है। कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई किराएदार किसी मजबूरी के चलते मकान मालिक को किराया नहीं दे सका, तो उसने कोई अपराध नहीं किया है। इसे क्राइम नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा कि भले ही शिकायत में दिए गए तथ्य सही हों, पर इसे अपराध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इस मामले में कानूनी कार्रवाई तो हो सकती है, पर आइपीसी यानी इंडियन पेनल कोड के तहत केस दर्ज नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसके लिए आइपीसी में कोई सजा मुकर्रर नहीं है। ये कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने किरायेदार के खिलाफ दर्ज केस को खारिज कर दिया और इस सिलसिले में दर्ज की गई एफआइआर भी रद्द कर दी।

