राजधानी पटना में रामनवमी को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट
पटना। गुरूवार को पटना डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह व वरीय पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार द्वारा रामनवमी को लेकर जिला प्रशासन को अलर्ट किया गया।डीएम व एसपी ने रामनवमी के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा की गई।वहीं उन्होंने सभी अफसरों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की हर सुविधा का ख्याल रखा जाएगा। गुरुवार को डीएम डॉ सिंह व एसएसपी द्वारा पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर परिसर में इस विषय पर आयोजित एक समीक्षात्मक बैठक में पदाधिकारियों व महावीर स्थान न्यास समिति, शोभा यात्रा अभिनंदन समितियों व पूजा समितियों के प्रतिनिधियों को आवश्यक निर्देश दिया गया।जिलाधिकारी व वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पर्व के अवसर पर उत्कृष्ट विधि-व्यवस्था संधारण, सुचारू यातायात प्रबंधन तथा सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहेंगे।
जिलाधिकारी व वरीय पुलिस अधीक्षक ने रामनवमी पर्व के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण हेतु पटना जंक्शन व आस पास स्थल निरीक्षण भी किया। तथा पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
विदित हो कि इस वर्ष रामनवमी का त्योहार 06 अप्रैल, 2025 को मनाया जा रहा है। बैठक में श्री महावीर स्थान न्यास समिति, महावीर मंदिर, पटना के प्रतिनिधि द्वारा आवश्यक व्यवस्था एवं तैयारियों के संबंध में विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि हर वर्ष प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी तरह का प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया जाता है। इस वर्ष भी प्रशासन के साथ समन्वय से रामनवमी पर्व सफलतापूर्वक संपन्न किया जाएगा।
डीएम व वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा बताया गया कि दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति 05 अप्रैल से ही ससमय कर दी जाएगी एवं बैरिकेडिंग व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही विधि-व्यवस्था संधारण एवं भीड़ प्रबंधन हेतु पर्याप्त मात्रा में बल उपस्थित रहेंगे। सीसीटीवी के माध्यम से मंदिर परिसर एवं महत्वपूर्ण पथों की भी सतत मॉनिटरिंग की जाएगी।
मंदिर प्रबंधन की तरफ से बताया गया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं भीड़ प्रबंधन हेतु तैयारियाँ की जा रही है। 14 एलईडी स्क्रीन लगाए जाएंगे जिससे कि श्रद्धालुओं को निरंतर दर्शन होता रहेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु नैवेद्यम काउंटर की संख्या में भी वृद्धि की गई है। समीक्षात्मक
बैठक में त्योहार के अवसर पर की जाने वाली व्यवस्था हेतु सभी विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा विभिन्न पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के सुझावों को एक-एक कर सुना गया । अधिकारीद्वय ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा भक्तजनों की सुविधा के अनुरूप प्रशासनिक दृष्टिकोण से हर तरह का प्रबंध किया जाएगा। सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के सभी उपायों को ध्यान में रखकर दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। पुरूष एवं महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग पंक्तियों में कतारबद्ध ढंग से दर्शन की व्यवस्था रहेगी। बैरिकेडिंग मजबूत रहेगा। मेडिकल कैम्प एवं अस्थायी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। कई महत्वपूर्ण चिन्हित स्थलों पर पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस एवं चिकित्सकों की व्यवस्था की जाएगी। मे आई हेल्प यू (हेल्प डेस्क) काउण्टर भी क्रियाशील रहेगा। वीडियोग्राफी एवं सीसीटीवी से गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जाएगा। शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाएगी। वाटर एटीएम एवं वाटर टैंकर की व्यवस्था रहेगी। चलंत शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। प्रवेश द्वार, निकास द्वार, पार्किंग एवं ड्रॉप गेट के निकट कोई वेंडिंग नहीं रहेगी। नगर निगम द्वारा भी स्वच्छता एवं प्रकाश की समुचित व्यवस्था की जाएगी। जो भी खराब स्ट्रीट लाईट हैं उन्हें शीघ्र ठीक करा दिया जाएगा तथा डेडिकेटेड टीम 24×7 सक्रिय रहेगी।
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि पूर्व में भी इस संबंध पटना समाहरणालय में बैठक की गई थी। जिला स्तर पर नियमित बैठक की जाएगी एवं व्यवस्था के संबंध में समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पटना जंक्शन के समीप मेट्रो का कार्य चल रहा है। रामनवमी पर्व के नजदीक विस्तृत ट्रैफिक प्लान पुलिस अधीक्षक, यातायात द्वारा सुनिश्चित की जाएगी तथा मीडिया के माध्यम से इसे प्रसारित किया जाएगा ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर भक्तजनों एवं दर्शनार्थियों के लिए प्रशासनिक दृष्टिकोण से उत्कृष्ट व्यवस्था रहेगी। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग एवं सक्रिय हैं।
इस बैठक में डीएम, एसएसपी, उप विकास आयुक्त, पुलिस अधीक्षक यातायात, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था, अपर समाहर्त्ता आपदा प्रबंधन, नगर दण्डाधिकारी, महाप्रबंधक पेसू, कार्यपालक अभियंता भवन एवं पीएचईडी तथा अन्य भी उपस्थित थे।

