अक्षय तृतीया पर आस्था की डुबकी और जल रिशाल
रुपेश कुमार मिश्र
बथनाहा: अक्षय तृतीया के दिन के बारे में धार्मिक मान्यता है कि जो भी आज स्नान, दान, पूजा अर्चना करते हैं उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। आज अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर अररिया जिला के मदनेश्वर धाम मदनपुर में दूर दूर विभिन्न गांवों से आए लोगों ने सुबह सवेरे मन्दिर परिसर में स्थित शिवगंगा में स्नान किया फिर बाबा मदनेश्वर के शिवलिंग पर जल रिसाल किया।अपने सामर्थ्य के अनुसार लोगों ने दान पुण्य भी किया।मदनेश्वर धाम पूर्णिया के नवाब के दिवान मदन मोहन झा के नाम पर रखा गया है. ऐसा बड़े बुजुर्गों का कहना है।
मदनपुर के प्रकांड विद्वान स्व पण्डित भीम झा के समय से मदनपुर बस्ती में वैशाख महिने में हरवर्ष श्रीमद् भागवत कथा और वैशाख महात्म की परंपरा रही है। अक्षय तृतीया को मदनपुर वासी निमंत्रण देकर शरबत पिलाते हैं,मिष्ठान्न , छाता, जूता चप्पल, हाथ पंखा आदि दान करते हैं। कुछ लोग धन और वस्त्र का भी दान करते हैं तो वहीं कुछ लोग धार्मिक पुस्तकों का भी दान करते हैं।पंडित हरिदेव झा, श्याम झा एवं साहेब झा अब स्व पंडित भीम झा के परंपरा को निभा रहे हैं। विदित हो कि स्व पंडित भीम झा अपने समय के पुर्णिया जिला अब अररिया जिला के नामी विद्वानों में से एक थे और गुरुकुल चलाते थे। जिसके पठन पाठन का भार सारा समाज उठाता था। उनके गुरुकुल में नेपाल से लेकर कटिहार, भागलपुर एवं कोसी क्षेत्र के भी विद्यार्थी थे जो आज बड़े बड़े पदों पर आसीन होने पर भी बड़ी श्रद्धा से अपने गुरु को याद करते हैं। आज भी लोग जब वैशाख मास में मासिक कथा श्रवण करते हैं तो कहते हैं गुरु जी जैसी मधुर कथाशैली किसी की नहीं है।अक्षय तृतीया के दिन मदनपुर बस्ती में स्थित कुंए में कई क्विटल चीनी उड़ेल दिया गया था। आज भी उस कुंए के जल में चीनी सी मिठास है।

