सावन में जलाभिषेक के लिए आम्रेश्वर धाम में श्रद्धालुओं लगा रहता है तांता
खूंटी: राजधानी रांची से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर खूंटी-तोरपा मुख्य पथ पर अवस्थित आम्रेश्वर धाम (अंगराबाड़ी) किसी परिचय का मोहताज नहीं है। यों तो सालों भर यहां दर्शनार्थियों का आगमन लगा रहता है। लेकिन पावन सावन महीने में एक महीने तक जलाभिषेक के लिए यहां श्रद्धालुओं/कावरियों का तांता लगा रहता है। माना जाता है कि आम्रेश्वर धाम का स्वयंभू शिवलिंग प्राचीन कालीन शिव लिंगों में से एक है। अंगराबाड़ी का नामकरण जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने आम्रेश्वर धाम किया था। आम के पेड़ के नीचे सुशोभित होने के कारण उन्होंने इस स्थल का नामकरण आम्रेश्वर धाम किया। आम्रेश्वर धाम को झारखंड का मिनी बाबा धाम के रुप में माना जाता है। शिवलिंग के बगल में माता पार्वती का मंदिर है। आम्रेश्वर धाम परिसर में माता दुर्गा का भव्य मंदिर सहित आठ मंदिर अवस्थित हैं। आम्रेश्वर धाम प्रबंध समिति के अनुसार, सावन माह के बीच मलमास के प्रथम रविवार को आज लगभग 40,000 शिवभक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
आम्रेश्वर धाम परिसर में जिला प्रशासन द्वारा दर्शनार्थियों की सुविधा व सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किया गया है। संभावित घटना पर नजर रखने के लिए धाम परिसर में कई सीसी टीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस कंट्रोल रूम बनाया गया है। खोया-पाया केन्द्र स्थापित है। प्रबंध समिति के वोलेंटियर सक्रिय रहते हैं। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए पेयजल, स्नानागार, शौचालय आदि व्यवस्थित है। धाम परिसर एवं इसके आसपास निर्बाध विद्युत आपूर्ति की व्यस्था की गयी है।
सूचना सहायता केंद्र सह प्रदर्शनी शिविर *- सूचना एवं जनसंपर्क, खूंटी द्वारा आम्रेश्वर धाम परिसर में सूचना सहायता केंद्र सह प्रदर्शनी शिविर का आयोजन किया गया है। इसके माध्यम से लोगों को सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं, जिले के पर्यटन एवं दर्शनीय स्थलों की जानकारियां दी जा रही है। साथ ही पंजीकृत सांस्कृतिक दल के कलाकारों द्वारा मेला परिसर में स्थानीय भाषा नुक्कड़ नाटक का मंचन कर लोगों को सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। शत-प्रतिशत जन्म एवं मृत्यु निबंधन के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु प्रारंभ अभियान को सफल बनाने के लिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण के प्रति जागरुक किया जा रहा है ताकि छूटे हुए सभी बच्चे, नये जन्मे बच्चे एवं मृत व्यक्तियों का पंजीकरण किया जा सके। इसके अलावे संचालित एलईडी वैन केे माध्यम से वीडियो का प्रदर्शन कर लोगों को जिले के विविध पर्यटन एवं दर्शनीय स्थल की जानकारी दी जा रही है। रविवार की रात एवं सोमवार को भोले शंकर की श्रृंगार पूजा कार्यक्रम तथा शिवभक्तों द्वारा किये जाने वाले जलार्पण का लाइव प्रदर्शन किया जाता है।

