पौधरोपण करने से अधिक महत्वपूर्ण है उसका संरक्षण करना : सीसीडीसी
रांची : रांची विश्वविद्यालय की आईएलएस में कार्यरत राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में गुरुवार को वन महोत्सव के अंतर्गत पौधारोपण, संगोष्ठी, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता आई एल एस के निदेशक डॉ. विजय कुमार सिंह ने की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आर यू के सी सी डी सी डॉ राजेश कुमार ने कहा कि पौधारोपण करने से अधिक महत्वपूर्ण है उसका संरक्षण करना है।उन्होंने कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए सबको आगे आना होगा।
कार्यक्रम के मुख्य एन एस एस आर यू के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग से बचने का मूल कार्य पर्यावरण का संरक्षण एवं संवर्धन करना है एवं जिस प्रकार वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन हो रहा है इसके पीछे विकास के अंधे दौर में पेड़ – पौधों का अंधाधुंध कटाई है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में आई एल एस के निदेशक डॉ बिजय सिंह ने कहा कि पर्यावरण बचाना है तो सभी को पौधारोपण करना होगा।उन्होंने कहा कि आज आई एल एस के परिसर में जितने पौधों को लगाया गया है उसको बचाना यहां के छात्र – छात्राओं की जिम्मेदारी है।उन्होंने आई एल एस के एस एस, नेचर क्लब एवं इवेंट क्लब मिलकर पर्यावरण संरक्षण के सभी आयामों का सकारात्मक एवं रचनात्मक प्रयास करने की अपील की।
आज के वन महोत्सव के अवसर पर आई एल एस परिसर में कुल 56 पौधा (आम, अमरूद, तेजपत्ता, पीपल, तरुलक्ष्मी , अशोक , पपीता आदि) अतिथियों एवं छात्र – छात्राओं ने लगाया एवं इनके संरक्षण का शपथ भी लिया।
आज के सम्पूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाने में एन एस एस के कार्यक्रम पदाधिकारी निशिकांत प्रसाद, आई एल एस के प्राध्यापक क्रमशः हैप्पी भाटिया, उदय सिंह, अजित कुमार सिंह एवं एन एस एस के स्वयंसेवकों क्रमशः विश्वजीत तिवारी, रुक्मिणी सिंह, शिवानी सिंह, हेमा सिंह, प्रतीक प्रफ्फुल, उषा पाण्डेय, निधि प्रभा आदि का उल्लेखनीय योगदान रहा।

