टीएमसी नेता द्वारा राष्ट्रपति के संबंध में अपमानजनक टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की चुप्पी समझ से परे :दीपक प्रकाश

रांची : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश ने आज ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के विधायक एवम पश्चिम बंगाल के मंत्री अखिल गिरी द्वारा देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के संबंध में की गई अभद्र एवम अपमानजनक टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री प्रकाश ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और उनकी नेता ममता बनर्जी आदिवासी महिला विरोधी है। उनके पार्टी के नेताओं के द्वारा बार बार देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन सुदूर गांव की गरीब परिवार में जन्मी आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू का अपमान किया जाना यह बताता है कि टीएमसी नेता एवम पार्टी आदिवासी,दलित,महिला विरोधी है।

उन्होंने कहा कि जिसप्रकार से राष्ट्रपति के चेहरे के संबंध में ममता सरकार के कैबिनेट मंत्री ने अभद्र टिप्पणी की है वह न सिर्फ संवैधानिक मर्यादा को तार तार करने वाला है बल्कि टीएमसी के सामंती एवम लोकतंत्र विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि इसके पूर्व भी टीएमसी सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति पद पर असंसदीय , असंवैधानिक भाषा का प्रयोग किया था।

श्री प्रकाश ने कहा कि ऐसे बयान से टीएमसी का चाल चरित्र और चेहरा उजागर होता है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन चुप क्यों

दीपक प्रकाश ने कहा कि एक तरफ झामुमो आदिवासी हित की बात करता है दूसरी ओर राष्ट्रपति के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के बावजूद मुख्यमंत्री हेमंत का टीएमसी नेता एवम ममता बनर्जी के खिलाफ कोई बयान नहीं आना समझ से परे है।

उन्होंने कहा कि झामुमो द्वारा आदिवासी हित की बात करना केवल बातों तक ही सीमित है। व्यवहार में वोट बैंक और राजनीति बाधक बन जाती है।

कहा कि झामुमो स्वयं संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास नहीं रखता,इसलिए उनसे मर्यादा की रक्षा की उम्मीद बेमानी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेशभाजपा टीएमसी नेता के बयान की कड़ी भर्त्सना करती है और पार्टी से सार्वजनिक माफी एवम कैबिनेट मंत्री अखिल गिरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करती है।
श्री प्रकाश ने कहा कि झामुमो को भी बयान पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

भाजपा ने किया पुतला दहन

प्रदेश भाजपा द्वारा आज सभी जिलों में टीएमसी मंत्री की अभद्र टिप्पणी एवम राज्य विधानसभा में पेश स्थानीय नीति संबंधी बिल में अनुसूचित जाति शब्द का प्रयोग नहीं किए जाने के खिलाफ पुतला दहन किया गया।

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