भागलपुर को बाढ़ से राहत की उम्मीद: 238 करोड़ की तटबंध परियोजना पर केंद्र से मिला सकारात्मक संकेत
भागलपुर। भागलपुर सांसद द्वारा जिले की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान के लिए किए गए प्रयासों का बड़ा असर दिखाई देने लगा है। सांसद द्वारा अगस्त 2025 में भेजी गई अनुशंसा पर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने सकारात्मक जवाब देते हुए 238.49 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण तटबंध परियोजनाओं को आगे की प्रक्रिया में शामिल करने की पुष्टि की है।यह परियोजना जान्हवी चौक – बिंदटोली तटबंध (18.80 किमी) के उत्थान, सुदृढ़ीकरण और पक्कीकरण, साथ ही लत्तीपुर – नारायणपुर जमींदारी बांध तथा काजीकोरैया – राघोपुर सीमांत बांध पर ब्लैक-टॉप निर्माण से जुड़ी है। यह पूरे इलाके में बाढ़ प्रबंधन को मजबूत करने वाली सर्वाधिक महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक मानी जा रही है।केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में बताया है कि गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग ने इस परियोजना का तकनीकी-आर्थिक मूल्यांकन कर लिया है और इसे केंद्रीय जल आयोग की सलाहकार समिति की आगामी बैठक के लिए भेज दिया गया है। वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई जारी है।
सांसद के दूसरे पत्र के जवाब में मंत्री ने बताया कि उत्तरी बिहार, खासकर कोसी क्षेत्र की बाढ़ समस्या का मुख्य कारण नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में भारी वर्षा से उत्पन्न अधिक प्रवाह है। इस विषय पर भारत और नेपाल के बीच संयुक्त मंत्रिस्तरीय समिति (JMCWR),संयुक्त समिति (JCWR) तथा संयुक्त स्थायी तकनीकी समिति (JSTC) जैसे द्विपक्षीय मंचों पर लगातार चर्चा चल रही है।
नेपाल में सप्तकोसी बांध एवं सन-कोसी–कमला डाइवर्जन बहुउद्देशीय परियोजना के लिए 2004 से विराटनगर स्थित संयुक्त परियोजना कार्यालय (IPO-SKSKI) द्वारा DPR तैयार की जा रही है। सप्तकोसी बांध को उत्तरी बिहार में बाढ़ नियंत्रण के लिए अहम माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री के उत्तर पर प्रतिक्रिया देते हुए भागलपुर सांसद ने आशा जताई है कि 238.49 करोड़ की तटबंध परियोजना को शीघ्र केंद्र से मंजूरी मिलेगी, जिससे जिले में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी और लाखों लोगों को स्थायी राहत मिलेगी।



