भागलपुर चुनाव की तैयारियां हाईटेक मोड में, सात विधानसभा क्षेत्रों की डिजिटल निगरानी
भागलपुर। बिहार विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने तकनीक की शक्ति को अपना हथियार बना लिया है। अब जिले के सातों विधानसभा क्षेत्रों – नाथनगर,सुल्तानगंज,भागलपुर,पीरपैंती,कहलगांव, गोपालपुर और बिहपुर की हर गतिविधि पर डिजिटल निगरानी रखी जा रही है। पुलिस लाइन स्थित अत्याधुनिक कंट्रोल एंड कमांड सेंटर इस पूरी व्यवस्था की धड़कन बन गया है।
कमांड सेंटर से जिले भर के एसएसटी (स्टेटिक सर्विलांस टीम) केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे सीधे जुड़े हैं। इन कैमरों से आने वाली लाइव फीड के जरिये वाहनों की जांच, संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी वास्तविक समय में की जा रही है। जैसे ही कोई संदिग्ध हरकत दिखाई देती है, कंट्रोल सेंटर की टीम तुरंत अलर्ट मोड में आ जाती है और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना भेजी जाती है।
पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए इस बार चुनाव ड्यूटी में तैनात सभी कर्मियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इससे न केवल जवाबदेही बढ़ी है, बल्कि ड्यूटी से गायब रहने या देरी करने की संभावना भी लगभग समाप्त हो गई है।
चुनावी पर्यवेक्षकों और अधिकारियों के वाहनों में जीपीएस डिवाइस लगाए गए हैं। इससे उनकी लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही है। किसी भी आकस्मिक स्थिति में उनकी लोकेशन तुरंत मिल जाती है, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।
कमांड सेंटर में तीन विशेष प्रशिक्षित कर्मियों को इस पूरे डिजिटल नेटवर्क की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए तैनात किया गया है।
भागलपुर के शहरी क्षेत्र में सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए 1844 सीसीटीवी कैमरे चौक-चौराहों, मुख्य सड़कों और बाजारों में लगाए गए हैं। इन कैमरों की मदद से प्रशासन की पैनी नजर शहर के हर कोने पर बनी हुई है।
लोकसभा चुनाव के दौरान इस कमांड सेंटर की तकनीकी क्षमता पहले ही साबित हो चुकी है। अब विधानसभा चुनाव में इसकी कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाते हुए प्रशासन ने पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। डिजिटल निगरानी के इस व्यापक तंत्र से न केवल चुनाव प्रक्रिया सुरक्षित होगी, बल्कि मतदाताओं में भी भरोसा बढ़ेगा कि उनका वोट और उनकी आवाज सही तरीके से गिनी जाएगी।भागलपुर प्रशासन की यह पहल चुनावी पारदर्शिता की दिशा में एक “डिजिटल क्रांति” साबित हो रही है।



