आदिवासी धार्मिक स्थलों को अतिक्रमण से बचाने की मांग, कोकर के गुरगुट मैदान स्थित सरना स्थल की चारदीवारी का हुआ नेव पूजन
रांची: कोकर स्थित गुरगुट मैदान के सरना स्थल की चारदीवारी निर्माण को लेकर गुरुवार को नेव पूजन किया गया। केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान आदिवासी धार्मिक स्थलों को अतिक्रमण से बचाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
इस मौके पर केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि राज्य में आदिवासियों के धार्मिक स्थलों पर कब्जे की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आदिवासी समाज की धार्मिक पहचान, परंपरा और संस्कृति को बचाने के लिए ऐसे स्थलों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरना स्थल केवल पूजा-पाठ के स्थान नहीं हैं, बल्कि आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक हैं।
अजय तिर्की ने आदिवासी समाज के अगुआओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित सरना स्थलों और अन्य पारंपरिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए आगे आएं। उन्होंने इन स्थलों की घेराबंदी और चारदीवारी कराने पर जोर देते हुए कहा कि इससे धार्मिक स्थलों को जमीन दलालों और अतिक्रमणकारियों की नजरों से बचाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को अपनी जमीन, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए एकजुट होकर पहल करनी होगी, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए इनकी पहचान सुरक्षित रखी जा सके।
नेव पूजन कार्यक्रम में निर्मला मुंडा, सोमारी टोप्पो, शांति खलखो, सरिता कच्छप, आशा मुंडारी, सोनी किस्पोट्टा और अंजू मुंडा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।


