डॉ. करमा उराँव के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी : शिल्पी नेहा तिर्की

रांची: स्वर्गीय डॉ. करमा उराँव स्मृति अंतर आदिवासी छात्रावास फुटबॉल टूर्नामेंट 2026 के उद्घाटन समारोह में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की एवं पूर्व मंत्री बंधु तिर्की शामिल हुए। प्रतियोगिता में कुल 28 छात्रावास की टीमें हिस्सा ले रही हैं।
उद्घाटन मैच वीर बुधु भगत आत्मा छात्रावास A और यदुवंश छात्रावास, करम टोली के बीच खेला गया, जिसमें वीर बुधु भगत आत्मा छात्रावास A ने 2-1 से जीत दर्ज की।
इस अवसर पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि डॉ. करमा उराँव जैसे महान शिक्षाविद और समाजचिंतक के विचारों एवं योगदान को केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया तक पहुँचाना आवश्यक है। इसके लिए नई पीढ़ी को उनके विचारों से जुड़कर उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना होगा।
उन्होंने कहा कि गाँवों से निकलकर राँची जैसे शहरों में शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र-छात्राएँ स्वयं में एक अवसर और उम्मीद हैं। आदिवासी समाज के बच्चों के लिए शिक्षा की राह आज भी चुनौतीपूर्ण है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी आठवीं के बाद ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। ऐसे में छात्रावासों में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों की जिम्मेदारी केवल अपनी पढ़ाई तक सीमित नहीं है। उन्हें अपने गाँव और समाज के लिए ज्ञान, जागरूकता और नेतृत्व का माध्यम बनना होगा।
मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने अधिकारों, जल-जंगल-जमीन, ग्राम सभा और पेसा कानून जैसे विषयों के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. करमा उराँव से यह सीखने की जरूरत है कि समाज के सवालों को सही मंच पर तथ्यों और मजबूती के साथ कैसे रखा जाता है।
पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि यह आयोजन केवल फुटबॉल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि डॉ. करमा उराँव के विचारों से नई पीढ़ी को जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि डॉ. करमा उराँव ने शिक्षाविद के रूप में विद्यार्थियों और समाज को दिशा देने तथा आदिवासी समाज के अधिकारों और पहचान से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाने का कार्य किया। विद्यार्थियों को उनके जीवन, विचारों और योगदान को पढ़ने-समझने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी भविष्य में अधिकारी, शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, पत्रकार और जनप्रतिनिधि बनेंगे। उनकी सफलता तभी सार्थक होगी, जब उनके साथ उनका समाज भी आगे बढ़े। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी क्षमता और प्रतिभा के बल पर समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर स्वर्गीय डॉ. करमा उराँव की धर्मपत्नी शांति उराँव, पूर्व मेयर रमा खलखो, लक्ष्मी नारायण मुंडा, शिवा कच्छप, नीरज भोक्ता, प्रो. हरि उराँव, शीतल उराँव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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