JPSC-JSSC कथित गड़बड़ी मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को
रांची: JPSC-JSSC में कथित गड़बड़ी और धांधली की CBI जांच की मांग को लेकर हरिशरण देवनाथ की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका (PIL) पर सोमवार, 28 सितंबर को सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जयमाल्या बालाजी और जस्टिस बी. मोहना की पीठ ने की। मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है।
इसी मामले में कोशीलाल प्रसाद एवं अन्य की ओर से PGTTCE-2023 में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितता और सिस्टम हैक कर नौकरी हासिल करने के आरोपों को लेकर हस्तक्षेप याचिका (I.A.) भी दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक राय, आकृती श्री और समीर रंजन (AoR-वात्सल्य विज्ञा) सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित हुए।
हस्तक्षेप याचिका में आरोप लगाया गया है कि PGTTCE-2023 में हुई कथित गड़बड़ी को भी जांच के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि 17 अगस्त 2026 को झारखंड सरकार की ओर से JPSC और JSSC में कथित अनियमितताओं को लेकर लिए गए निर्णय में PGTTCE-2023 को न तो रद्द किया गया और न ही इसे जांच के दायरे में रखा गया।
याचिका में अभय कुमार तिवारी की कथित भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि JPSC-JSSC से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका सामने आई है और PGTTCE-2023 में भी उनकी संलिप्तता के आरोप हैं। याचिकाकर्ताओं ने शिक्षक भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी की भी जांच की मांग उठाई है।
इसके अलावा JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से भी सुप्रीम कोर्ट में दो हस्तक्षेप याचिकाएं दायर किए जाने की बात कही गई है। अब 5 अक्टूबर की सुनवाई पर अभ्यर्थियों की नजर है।


