अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश दिवस पर सादर अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

रांची : अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश दिवस के अवसर पर शनिवार को सदर अस्पताल, राँची से सर्पदंश की रोकथाम, प्राथमिक उपचार एवं समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में एएनएमटीसी की छात्राओं एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने भाग लिया। इसके साथ ही सर्पदंश से बचाव एवं इसके उपचार को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी-2 डॉ. अरविंद कुमार, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव भूषण, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रचित भूषण, डॉ. दिलीप पासवान, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण सिंह, हैदर अली सहित अन्य पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने कहा कि सर्पदंश एक गंभीर चिकित्सकीय आपातस्थिति है। समय पर उचित उपचार मिलने से सर्पदंश से होने वाली गंभीर जटिलताओं एवं मृत्यु को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं और पीड़ित को बिना किसी देरी के नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं।
अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी-2 डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो सबसे पहले प्रभावित अंग को स्थिर रखने का प्रयास करें और पीड़ित को शांत रखें। मरीज को अनावश्यक रूप से चलने-फिरने से बचाएं तथा बिना देरी किए निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाएं।
उन्होंने बताया कि सर्पदंश की स्थिति में एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) का उपचार चिकित्सकीय निगरानी में किया जाता है। इसलिए घरेलू उपचार, झाड़-फूंक या अन्य अप्रमाणित उपायों में समय न गंवाएं।
सर्पदंश के बाद क्या न करें
सर्पदंश वाले स्थान पर चीरा या कट न लगाएं।
जहर निकालने के लिए घाव को चूसने का प्रयास न करें।
प्रभावित स्थान को दबाएं या बांधें नहीं।
घाव पर किसी प्रकार की दवा, रसायन या घरेलू पदार्थ न लगाएं।
पीड़ित को अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें।
झाड़-फूंक अथवा घरेलू उपचार में समय न गंवाएं।
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव भूषण ने कहा कि सर्पदंश के बाद प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में पीड़ित को बिना देरी किए सीधे निकटतम सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए, ताकि समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना ही जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
बता दे की अप्रैल 2026 से अब तक राँची जिले में सर्पदंश के 364 मामले दर्ज किए गए हैं। विभाग द्वारा सर्पदंश से होने वाली असामयिक मृत्यु को रोकने के लिए आम लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय सर्पदंश दिवस के माध्यम से राँची जिले समेत पूरे राज्य में लोगों को सर्पदंश से बचाव, सही प्राथमिक कदम एवं समय पर चिकित्सा सुविधा लेने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

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