मारंगहादा थाना क्षेत्र के आदिवासियों को जमीन खरीद-बिक्री में आ रही परेशानी, सीएनटी एक्ट की बाध्यता दूर करने की मांग
खूंटी: मारंगहादा थाना क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी समुदाय के लोगों को जमीन की खरीद-बिक्री में आ रही परेशानी को दूर करने की पॉलिटिकाल नेता दिलीप मिश्रा ने मांग की है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से खूंटी सदर अंचल के अंचलाधिकारी को आवश्यक अनुमति देने के लिए स्पष्ट आदेश जारी करने का आग्रह किया गया है।
दिए गए आवेदन में कहा गया है कि मारंगहादा थाना का गठन वर्ष 2017 में हुआ है। इससे पहले इस क्षेत्र के लोग खूंटी थाना और खूंटी अंचल एवं प्रखंड कार्यालय से ही जाति, आवासीय, आय, वंशावली समेत अन्य प्रमाण पत्र और विकास संबंधी कार्यों का निष्पादन कराते थे। थाना बनने के बाद भी राजस्व, अंचल और प्रखंड स्तर के अधिकांश कार्य पूर्व की तरह खूंटी से ही संचालित हो रहे हैं।
आवेदन के अनुसार, जमीन की खरीद-बिक्री के लिए अनुमति लेने पहुंचने पर मारंगहादा को अलग थाना क्षेत्र बताते हुए सीएनटी एक्ट के प्रावधानों का हवाला देकर अनुमति नहीं दी जा रही है। इससे क्षेत्र के आदिवासी परिवारों को अपनी आवश्यकता के अनुसार जमीन के वैध हस्तांतरण में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आवेदन में कहा गया है कि एक ओर खूंटी सदर अंचल एवं प्रखंड के पदाधिकारियों द्वारा मारंगहादा थाना क्षेत्र के लोगों को जाति, आवासीय, आय, आचरण और वंशावली सहित विभिन्न प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीन की खरीद-बिक्री के मामले में अलग थाना क्षेत्र की बाध्यता बताई जा रही है। इसे प्रशासनिक स्तर पर उत्पन्न विसंगति बताते हुए इसकी जांच और समाधान की मांग की गई है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र का राजस्व थाना, अंचल और प्रखंड स्तर का प्रशासनिक कार्यक्षेत्र अभी भी खूंटी से जुड़ा हुआ है, जबकि न्यायिक थाना मारंगहादा है। ऐसे में जमीन की खरीद-बिक्री के लिए अलग थाना क्षेत्र की बाध्यता से लोगों को परेशानी हो रही है। आवेदकों ने जनहित में इस विसंगति को तत्काल दूर करते हुए सीएनटी एक्ट के प्रावधानों के तहत पात्र मामलों में जमीन खरीद-बिक्री की अनुमति देने के लिए खूंटी अंचलाधिकारी को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है।


