छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही जेएमएम-कांग्रेस सरकार : संदीप वर्मा
रांची : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संदीप वर्मा ने आरोप लगाया कि झारखंड की जेएमएम-कांग्रेस सरकार लगातार अपनी नीतियों और कार्यप्रणाली से राज्य के छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर मुकदमे का दबाव बनाने के लिए मुख्य सचिव से मिलना सरकार की संवेदनहीनता और सामंती मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान जिस तरह जेएमएम-कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ मारपीट और गुंडागर्दी की, वह बेहद शर्मनाक था। प्रशासन सब कुछ देखते हुए भी मूकदर्शक बना रहा। सरकार और प्रशासन को बताना चाहिए कि छात्रों के साथ मारपीट करने वाले जेएमएम-कांग्रेस के कितने कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज हुआ और कितनों की गिरफ्तारी हुई।
संदीप वर्मा ने कहा कि पिछले सात वर्षों में राज्य में सामने आए बड़े घोटालों और अनियमितताओं में सरकार में बैठे शीर्ष लोगों के करीबियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आते रहे हैं। साहिबगंज के करीब ₹1,200 करोड़ से अधिक के घोटाले में मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि मुख्य अभियुक्त रहे हैं। शराब घोटाले में मुख्यमंत्री के तत्कालीन सचिव से जुड़े लोगों की भूमिका के आरोप सामने आए। वहीं जेएसएससी और जेपीएससी में नौकरी बेचने के आरोपों में भी मुख्यमंत्री आवास और उनके आसपास के लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठे हैं।
उन्होंने कहा कि बालू, पत्थर, कोयला और लौह अयस्क से लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग और नियुक्तियों तक भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आते रहे हैं। लेकिन इन मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने में अधिक रुचि दिखा रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि नियुक्ति परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों का खामियाजा राज्य के लाखों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। रद्द की गई 22 परीक्षाओं में आगे क्या होगा, जेपीएससी का पुनर्गठन कब होगा और नियुक्ति प्रक्रिया कब पटरी पर आएगी—इन सवालों पर जेएमएम-कांग्रेस सरकार मौन है। छात्रों को जवाब देने के बजाय उन पर दबाव बनाना सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है।
संदीप वर्मा ने कहा कि जब सरकार के कार्यकाल में इतने गंभीर भ्रष्टाचार और नियुक्ति संबंधी आरोप सामने आए हैं, तब एसीबी और सीआईडी जैसी राज्य की एजेंसियां कितनी निष्पक्ष जांच कर पाएंगी, यह भी बड़ा सवाल है। शराब घोटाले में अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं होने और नियुक्ति घोटाले की जांच में सीआईडी की भूमिका पर उठ रहे सवालों से सरकार की जांच व्यवस्था पर संदेह और गहरा होता है।
उन्होंने कहा कि जहां जेएमएम और कांग्रेस को छात्रों के साथ खड़े होकर नियुक्ति परीक्षाओं की अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करनी चाहिए थी, वहां वे छात्रों पर दर्ज मुकदमों का समर्थन कर रहे हैं। यह सरकार की छात्र-विरोधी और सामंती सोच को दर्शाता है।
संदीप वर्मा ने कहा कि सरकार यह भ्रम न पाले कि छात्रों और उनके परिवारों की आवाज को दबाया जा सकता है। जनता सब देख रही है और अपने बच्चों के भविष्य के साथ हो रहे अन्याय का जवाब सही समय पर देगी।



