झारखंड में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अब तक 747.2 मिमी बारिश; पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 52% अधिक
रांची : झारखंड में इस साल मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य की कई नदियां उफान पर हैं, जबकि नदी-नालों में पानी का बहाव तेज हो गया है। कई स्थानों पर कमजोर पुल और पुलिया भी बारिश का दबाव नहीं झेल सके और ध्वस्त हो गए। अभी भादो का महीना बाकी है और इस दौरान भी राज्य में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
बारिश के आंकड़ों पर गौर करें तो 1 जून से 31 अगस्त तक झारखंड में औसतन 747.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 798.8 मिलीमीटर माना जाता है। इस लिहाज से राज्य में अब तक सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के मानकों के अनुसार इसे सामान्य मानसून की श्रेणी में रखा जा रहा है।
पश्चिमी सिंहभूम में सबसे ज्यादा बारिश
मानसून के दौरान पश्चिमी सिंहभूम में बादल सबसे अधिक मेहरबान रहे। जिले में सामान्य बारिश 807.3 मिलीमीटर होती है, जबकि इस साल अब तक 1224.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य से 52 प्रतिशत अधिक है। यानी जिले में औसत से काफी ज्यादा बारिश हुई है।
लातेहार में भी मानसून का प्रदर्शन बेहतर रहा। यहां सामान्य 813.1 मिलीमीटर के मुकाबले 1009.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक है।
राज्य के कई जिलों में बारिश सामान्य के आसपास रही। इनमें खूंटी, लोहरदगा, रांची, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद, दुमका, जामताड़ा, पलामू और रामगढ़ शामिल हैं। राजधानी रांची में 882.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
इन जिलों में बारिश रही कम
वहीं, कुछ जिलों में मानसून कमजोर रहा। कोडरमा और देवघर में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। कोडरमा में 396.5 मिलीमीटर और देवघर में 443.9 मिलीमीटर बारिश हुई। गढ़वा में 39 प्रतिशत, चतरा में 37 प्रतिशत और गिरिडीह में 35 प्रतिशत बारिश सामान्य से कम रही।
गोड्डा में बारिश की कमी 30 प्रतिशत रही, जबकि हजारीबाग में सामान्य से 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।
बारिश की कमी के मामले में पाकुड़ की स्थिति सबसे कमजोर रही। जिले में सामान्य तौर पर 901.6 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक केवल 428.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह सामान्य से 52 प्रतिशत कम है। इसके अलावा बोकारो और साहिबगंज में 23 प्रतिशत, जबकि गुमला में 22 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
भादो में होने वाली बारिश अब राज्य के कुल मानसूनी आंकड़े को और प्रभावित कर सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।



