JPSC-JSSC विवाद के बीच CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान, TDPL की परीक्षाएं और रिजल्ट रद्द
रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद और JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने JPSC और JSSC की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं, उनके प्रकाशित परिणामों और TDPL के जरिए चयनित अभ्यर्थियों का चयन रद्द करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि JPSC और JSSC की परीक्षा प्रणाली को बेहतर, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए कमेटी परीक्षा संचालन, प्रक्रिया और व्यवस्था की समीक्षा करेगी। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
हेमंत सोरेन ने TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर भी स्पष्ट फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि TDPL द्वारा कराई गई परीक्षाएं रद्द की जाती हैं। इन परीक्षाओं के प्रकाशित रिजल्ट भी रद्द किए जाएंगे और TDPL के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों का चयन भी रद्द किया जाएगा। इससे उन प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्तियों पर असर पड़ेगा, जिनको लेकर लंबे समय से अभ्यर्थी सवाल उठाते रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2014 के बाद राज्य में हुई सभी नियुक्तियों की जांच की जाएगी। इस घोषणा को JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के लंबे आंदोलन के बीच सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 17 अगस्त को आंदोलन के 24वें दिन सरकार की ओर से यह घोषणा सामने आई है।
अब मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद JPSC-JSSC की परीक्षा व्यवस्था में होने वाले सुधार और TDPL से जुड़ी परीक्षाओं, रिजल्ट तथा चयन रद्द करने की प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। कमेटी की सिफारिशों के बाद परीक्षा व्यवस्था में आगे होने वाले बदलाव की दिशा भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।


