नगड़ी में फलों एवं सब्जियों के लिए मॉडल एकीकृत पैकहाउस एवं कृषि-प्रसंस्करण केंद्र की होगी स्थापना : शिल्पी नेहा तिर्की

रांची : राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज नेपाल हाउस सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में उद्यानिकी विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीक पी., विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी, उद्यान निदेशक परवीन टोप्पो सहित विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंत्री ने मधुमक्खी पालन योजना के प्रभावी संचालन के लिए एक समर्पित वेबसाइट तैयार करने का निर्देश देते हुए कहा कि योजना से लाभान्वित प्रत्येक किसान की विस्तृत प्रोफाइल वेबसाइट पर अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि मधु उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए प्रभावी मार्केट लिंकेज विकसित किए जाएं तथा योजना से किसानों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों एवं उनकी सफलता की कहानियों को भी वेबसाइट पर शामिल किया जाए, ताकि यह अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन सके।

मंत्री ने हाईटेक नर्सरी सह उद्यानिकी पार्क की स्थापना हेतु आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने तथा आईसीएआर-आईआईएचआर, बेंगलुरु से विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) प्राप्त कर अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में गोधन न्याय योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत कार्ययोजना (वर्क प्लान) प्रस्तुत करने को कहा गया। मंत्री ने निर्देश दिया कि उद्यानिकी आधारित लाभकारी खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) एवं मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) को केंद्र में रखकर योजनाओं का संचालन किया जाए।

मंत्री ने नगड़ी में फलों एवं सब्जियों की उन्नत विपणन योग्यता (मार्केटेबिलिटी) और निर्यात क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मॉडल एकीकृत पैकहाउस एवं कृषि-प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की। इस परियोजना का क्रियान्वयन एवं संचालन नगड़ी स्थित आईसीएआर-एनआईएसए, नामकुम द्वारा किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजना का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस केंद्र की स्थापना से किसानों को उनकी उपज के वैज्ञानिक भंडारण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण एवं विपणन की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में सहायता मिलेगी।

मंत्री ने उद्यान विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण अपनाने पर बल देते हुए कहा कि इससे किसानों को बेहतर बाजार, तकनीकी सहयोग तथा अधिक आय सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही, उद्यान निदेशालय में पदस्थापित सभी पांचों सहायक निदेशकों को एक-एक प्रमंडल का प्रभार सौंपकर संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं नियमित क्षेत्र भ्रमण करने का निर्देश दिया गया, ताकि योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंच सके।

बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र को आत्मनिर्भर, तकनीक-संपन्न एवं किसानोन्मुख बनाने की दिशा में विभाग को परिणामोन्मुखी कार्य करना होगा। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक सुदृढ़ व्यवस्था उपलब्ध कराना ही राज्य सरकार का लक्ष्य है, जिससे झारखंड के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पाद राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकें।

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