महर्षि मेंही आश्रम मुरहू में गुरु पूर्णिमा धूमधाम से मनाया गया
खूंटी:महर्षि मेंही आश्रम मलियादा एवं शबरी कुटिया शांतिपुरी मुरहू में गुरु पूर्णिमा महापर्व धूमधाम और हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सद्गुरु के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया, तत्पश्चात ईश्वर स्तुति, गुरु वंदना एवं ग्रंथ पाठ से किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऋषिकेश आश्रम के स्वामी गंगाधर जी महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा अपने गुरु को भक्तिभाव से याद करने उनके उपदेशों को आत्मसात करने के लिए मनाया जाता है।उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास के जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। वेदव्यास जी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऋषिवर वेदव्यास ने वेदों का संकलन, प्रसिद्ध ग्रंथ महाभारत का रचना,अठारह पुराण, ब्रह्मसूत्र आदि की रचना किया। गुरु की महिमा वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य को पिता से सौ गुना माता, माता से सौ गुना हरि और हरि से सौ गुना अधिक गुरु ध्यान रखते हैं। सद्गुरु सामर्थ्यवान होते हैं,अनहोनी को भी होनी कर देते हैं। ध्रुव नारद संवाद में उन्होंने कहा कि जंगल में भी ध्रुव को गुरु पर पूरा विश्वास था , उन्होंने ईश्वर की भक्ति करते हुए परमात्मा को प्राप्त किया। स्वामी जी ने कई दृष्टांतों के माध्यम से गुरुदेव की महिमा और चमत्कारों का उल्लेख किया। स्वामी लक्ष्मण जी महाराज ने कहा कि बिना गुरु की कृपा पाये, इस जीवन का उद्धार नहीं हो सकता। गुरु के सानिध्य में रहने से सारे दुःख दूर हो जाते हैं। मनुष्य का यह लोक और परलोक सुधर जाता है।डॉ डीएन तिवारी ने कहा कि गुरु की भक्ति के लिए पात्रता जरुरी है, जैसे पानी गड्ढे में ठहरता है,ऊंचे टीले से बह कर निकल जाता है। गुरु भक्ति से जीवन में प्रकाश,सुख शांति ज्ञान और वैभव प्राप्त होता है। मुरलीधर बाबा, दिगंबर बाबा, गोपाल बाबा, सुबोध भारती बाबा ने भी गुरु के बताए मार्ग पर चलकर परमात्मा की भक्ति करने की बातें बताई। कार्यक्रम में भंडारे की व्यवस्था की गई। मौके पर संजय सत्संगी, नंदिनी देवी,मूचीराय मुंडा, विष्णु मुंडा, ध्रुवेन्द्र भास्कर,चमरा मुंडा, रामहरि साव,रासबिहारी मुंडा,देवमन पुर्ति, सुरेश पंडित,जूरन मुंडा,हरिद्वार ठाकुर,सूरजमल प्रसाद, सुनील रजक, बीरु कुमार,अजय गुप्ता,अमर सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।


