जेपीएससी में अफसर बनने के लिए 40 लाख का रेटचार्ट : बाबूलाल मरांडी
गणादेश,रांची : 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और सीआईडी जांच पर जमकर निशाना साधा। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईडी जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय सबूत मिटाने और दोषियों को बचाने के लिए की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की।
मरांडी ने कहा कि जेपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा अन्याय है। यदि मुख्यमंत्री इस मामले में पूरी तरह पाक-साफ हैं तो उन्हें सीबीआई जांच से आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मामले में लीपापोती कर रही है और निष्पक्ष जांच होने पर कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
उन्होंने सीआईडी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शराब घोटाले और जेएसएससी सीजीएल समेत कई मामलों की जांच का अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। मरांडी ने जेपीएससी मामले में एफआईआर की प्रक्रिया और उसे सार्वजनिक नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
मरांडी ने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एक छात्र ने जनवरी में ही ओएमआर शीट में गड़बड़ी और टीडीपीएल कर्मचारी से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जानकारी तत्कालीन अध्यक्ष को दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने ख्यांग्ते के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए मरांडी ने दावा किया कि झारखंड में अफसर बनने के लिए 40 लाख रुपये तक का कथित रेटचार्ट चल रहा है। उनके अनुसार, पीटी पास कराने के लिए 5 लाख, मेन्स के लिए 25 लाख और इंटरव्यू के लिए 10 लाख रुपये लिए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मरांडी ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार विवाद से युवाओं का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल सीबीआई जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।


