फेफड़ों की गंभीर बीमारियों का एडवांस्ड इलाज अब भारत में संभव : यशोदा हॉस्पिटल्स
रांची : हैदराबाद के यशोदा हॉस्पिटल्स ने फेफड़ों की गंभीर बीमारियों के एडवांस्ड इलाज, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, रीजेनरेटिव मेडिसिन और लंग ट्रांसप्लांटेशन के क्षेत्र में उपलब्ध अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों की जानकारी साझा की। शनिवार को रांची के एक होटल में आयोजित मीडिया संवाद में लंग ट्रांसप्लांटेशन विशेषज्ञ डॉ. तपस्वी कृष्णा ने कहा कि फेफड़ों का ट्रांसप्लांट अब असंभव नहीं है। अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से गंभीर मरीजों को भी नई जिंदगी दी जा सकती है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में यशोदा हॉस्पिटल्स में एक साल के बच्चे का सफल लंग ट्रांसप्लांट किया गया। बच्चा गंभीर स्थिति में था और ऑक्सीजन पर निर्भर था। ऐसे मरीजों के लिए पहले इलाज के विकल्प बेहद सीमित थे, लेकिन अब लंग ट्रांसप्लांटेशन के जरिए नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि भारत में भी फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों का बेहतर इलाज संभव है।
डॉ. कृष्णा ने कहा कि पहले मरीजों को डोनर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन यशोदा हॉस्पिटल्स में ट्रांसप्लांट संबंधी सुविधाओं और विशेषज्ञता के जरिए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड समेत पूर्वी भारत के मरीजों तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं और अत्याधुनिक उपचार पहुंचाना अस्पताल की प्राथमिकता है।
मार्केटिंग के डिप्टी जनरल मैनेजर उदय भास्कर एनवीएस और मार्केटिंग मैनेजर सत्यजीत रॉय ने बताया कि यशोदा हॉस्पिटल्स अत्याधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी, अंतरराष्ट्रीय उपचार प्रोटोकॉल और अनुभवी विशेषज्ञों के माध्यम से टर्शियरी और क्वाटरनरी हेल्थकेयर सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। अस्पताल समूह में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, ट्रांसप्लांट प्रोग्राम, रोबोटिक सर्जरी और अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं मौजूद हैं।


