जमीन दलालों के खिलाफ आदिवासी अधिकार संरक्षण समिति का उलगुलान, संगठन का हुआ विस्तार
रांची: केंद्रीय धुमकुड़िया भवन, करम टोली में आदिवासी अधिकार संरक्षण समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें जमीन दलालों और भू-माफियाओं के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता सुरेश उरांव ने की। इसमें बड़ी संख्या में आदिवासी सामाजिक अगुवा, युवा और महिलाओं ने भाग लेकर अपनी जमीन बचाने के संघर्ष के अनुभव साझा किए।
समिति की केंद्रीय महासचिव कुन्दरसी मुंडा ने कहा कि झारखंड में आदिवासियों की जमीन पर सबसे अधिक नजर जमीन दलालों और भू-माफियाओं की है। उन्होंने कहा कि जमीन बचाने के लिए समाज को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई आदिवासी भी जमीन हड़पने में शामिल है तो उसका भी विरोध किया जाएगा।
बैठक में संगठन का विस्तार करते हुए कुमुदिनी प्रभावती केरकेट्टा और राजेश लिंडा को केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, हर्षिता मुंडा को रांची जिला अध्यक्ष, बसंत लकड़ा को जिला महासचिव तथा आशीष मुंडा को रांची महानगर अध्यक्ष बनाया गया। साथ ही रातू, मांडर और नामकुम प्रखंड समितियों का गठन किया गया।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने कहा कि आदिवासी समाज अब अपनी जमीन, संस्कृति और अस्तित्व की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करेगा। बैठक में लक्ष्मी मुंडा और चंद्र दीप उरांव को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।


