सरकारी स्कूलों के बच्चों को स्वेटर नहीं मिलने पर अमाल खान ने नाराजगी जताई
ओरमांझी:ओरमांझी प्रखंड क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है फिर भी सभी तक सरकारी स्कूलों के बच्चों को सरकार द्वारा स्वेटर नहीं मिला हैं.जिससे कड़ाके की ठंड में भी बच्चे बिना स्वेटर और जूते-मोजे के स्कूल आने को मजबूर हैं।इस संबंध में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सीमा कुमारी से टेलीफोनिल बात होने पर वह प्लडरा झाड़ते हुए अपने नीचे के कर्मी से बात करने की बात करते हुए मोबाईल काट दी,वहीं प्रखंड स्तर की शिक्षा विभाग की कर्मी रीना यादव से बात करने पर उन्होंने बताया की स्वेटर नहीं मिल पाने का मुख्य कारण यह है कि राज्य सरकार द्वारा इन मदों के लिए आवंटित राशि अभी तक प्रखंडो तक नहीं भेजी है.जिससे स्कूलों में खरीददारी नहीं हो पा रही है। जिससे कड़ाके की ठंड में भी बच्चे बिना स्वेटर और जूते-मोजे के स्कूल आने को मजबूर हैं,कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को ये सुविधाएं हर साल मिलते आई हैं. पहली दो कक्षाओं के लिए स्कूल स्तर पर और तीसरी से आठवीं तक के लिए DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के ज़रिए पैसे दिए जाते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया रुकी हुई है।वहीं युवा समाजसेवी आमाल खान ने बताया की बढ़ते ठंड और न्यूनतम तापमान गिरने से बच्चों को काफी परेशानी हो रही है, खासकर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के बच्चे बिना ज़रूरी कपड़ों के स्कूल आ रहे हैं। दिसंबर में ठंड बढ़ गया है फिर भी बच्चों को स्वेटर नहीं मिला है यह दुर्भाग्य की बात है. वहीं अभिभावकों ने चिंता जाहिर करते हुए बताया की उनके बच्चे ठंड में ठीक से पढ़ नहीं पा रहे हैं प्रशासन जल्द कार्रवाई करते हुए बच्चों को स्वेटर उपलब्ध कराये.मालूम हो की कक्षा 1-2 के बच्चों के लिए 600 रुपये और कक्षा 6-8 के बच्चों के लिए 760 रुपये की राशि खातों में नहीं पहुंची है।



