झारखंड मैथिली मंच ने मनाया मैथिली अधिकार दिवस, मिथिला पंचांग का लोकार्पण

रांची। झारखंड मैथिली मंच के तत्वावधान में रविवार को विद्यापति दलान, हरमू के सामने छठ तालाब परिसर में मैथिली अधिकार दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंच सदस्यों द्वारा मिथिला की पारंपरिक वेशभूषा धोती-कुर्ता में विद्यापति दलान से कडरू मोड़ तक प्रभात फेरी निकालकर बाबा विद्यापति की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई।

छठ तालाब परिसर में आयोजित मुख्य समारोह में अतिथियों के मंचासीन होने के बाद विद्यापति के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विद्यापति रचित भगवती वंदना “जय जय मैरवि असुर भयावनि” और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ। अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन किया गया तथा पाग और शाल देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. भीमनाथ झा विरचित पुस्तक भावांजलि का विमोचन किया गया। साथ ही रूपा देवी विदेह साहित्य सम्मान 2025 प्रो. महेंद्र झा को उनकी पुस्तक धात्री पात सन गाम के लिए प्रदान किया गया। अंतिम सत्र में मिथिला पंचांग सह कैलेंडर का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम का संचालन बद्री नाथ झा और ब्रज कुमार झा ने किया। अंत में पारंपरिक भोजन चूड़ा-दही-गुड़ का सभी ने आनंद लिया। आयोजन में सैकड़ों मैथिली प्रेमियों की भागीदारी रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *