IRCTC घोटाला मामला: लालू परिवार को बड़ा झटका, कोर्ट ने तय किए आरोप, अब चलेगा मुकदमा

पटना: बिहार की सियासत में हलचल मचाने वाले IRCTC घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बड़ा झटका लगा है। पटना की विशेष सीबीआई अदालत ने सोमवार को इस मामले में लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित सात आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं। अदालत के इस फैसले के साथ ही अब इन सभी के खिलाफ आपराधिक मुकदमे की विधिवत सुनवाई शुरू होगी।
अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपपत्र में दर्ज तथ्यों और साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है कि टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी कर निजी लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई थी। यह साजिश उस समय रची गई जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। अदालत ने माना कि “लालू यादव की जानकारी और निर्देश में ही यह साजिश रची गई थी।”
इस मामले में आरोप है कि रेलवे के दो होटल—रांची और पुरी के बीएनआर होटल—को निजी कंपनी सुजाता होटल्स को देने में अनियमितता बरती गई। इसके एवज में लालू परिवार को कीमती जमीन उपहार के रूप में दी गई थी। जांच एजेंसियों ने इस लेनदेन को “लैंड फॉर होटल” घोटाला करार दिया था।
कोर्ट में पेशी के दौरान सभी आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। राबड़ी देवी ने कहा, “हम निर्दोष हैं और अदालत पर पूरा भरोसा है। सच्चाई जरूर सामने आएगी, हम मुकदमे का डटकर सामना करेंगे।” वहीं, तेजस्वी यादव ने कहा कि यह राजनीतिक साजिश है और चुनाव के पहले परिवार की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि यह मामला वर्ष 2006-07 का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। सीबीआई ने 2017 में इस घोटाले की जांच शुरू की थी और बाद में चार्जशीट दाखिल की थी। अब अदालत द्वारा आरोप तय होने के बाद माना जा रहा है कि सुनवाई की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी।
राजनीतिक हलकों में इस फैसले के बाद हलचल तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे “भ्रष्टाचार पर न्याय की जीत” बता रहा है, वहीं आरजेडी इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दे रही है। चुनावी मौसम में आया यह फैसला निश्चित रूप से बिहार की सियासत को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

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