स्विच दबाते ही करंट, एक जीवन की आह तक नहीं सुन पाई बिजली विभाग की लापरवाही
भागलपुर। एक और जीवन की राख में तब्दील होने का कारण बनी बिजली विभाग की लापरवाही, जिसने एक युवक की बहुमूल्य जिंदगी को चुपके से छीन लिया। तिलकामांझी थाना क्षेत्र के सचितानंद नगर कॉलोनी (एयरपोर्ट के पास) में 23 वर्षीय नीरज कुमार की मौत, एक साधारण सी स्विच दबाने की कोशिश के दौरान करंट लगने से हो गई।
रात का अंधेरा, एक जान की कीमत
नीरज कुमार, जो रोज़ की तरह मजदूरी से घर लौट रहे थे, अपने घर के बाहर फैले अंधेरे को देख स्विच दबाने के लिए पोल की तरफ बढ़े। स्विच दबाते ही एक तेज करंट ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। अंधेरे में भटका हुआ वह जान नहीं सका कि एक छोटी सी गलती उसके जीवन का अंत कर देगी।
परिजनों ने उसे गंभीर हालत में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना सवाल उठाती है कि कैसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जबकि आम आदमी ऐसे खतरों के प्रति अनजान रहता है।
एक युवा जीवन का खात्मा, परिवार की उम्मीदों की तड़प
नीरज की शादी सिर्फ 2019 में हुई थी। दो छोटे बच्चों का पिता अब इस दुनिया में नहीं रहा। उसकी पत्नी और दोनों बच्चे अब उस आश्रय से वंचित हो गए हैं, जो कभी उनके जीवन का सहारा हुआ करता था। नीरज के पिता अधिकलाल मंडल के आंखों में आंसू हैं, पर उनके शब्दों में दर्द है, “अब हम सब बेबस हो गए हैं। मेरा बेटा ही हमारे लिए हर मुश्किल का हल था, अब तो बस यह अंधेरा ही हमें घेरे हुए है।”
लापरवाही का गहरा गड्डा
स्थानीय लोग और परिजन मानते हैं कि इस हादसे के लिए पूरी तरह से बिजली विभाग और प्रशासन जिम्मेदार हैं। उनका कहना है कि अगर पोल और स्विच की स्थिति दुरुस्त होती, तो शायद आज नीरज की जान बच जाती। बिजली विभाग ने सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया? क्या प्रशासन को जनता की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है?



