रामगढ़ के नेमरा गांव में 5 अगस्त को होगा शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार
रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर तीन से चार बजे के बीच दिल्ली से रांची लाया जाएगा। वहाँ से सीधे मोरबादी निवास पर दर्शन के लिए लाया जाएगा। उसके बाद पार्टी कार्यालय लाया जाएगा। पाँच अगस्त को विधानसभा लाया जाएगा। दोपहर तीन बजे रांची से पार्थिव शरीर को रामगढ़ स्थित नेमरा गांव ले जाया जाएगा। नेमरा में उनका अंतिम संस्कार होगा।
पूर्व सीएम शिबू सोरेन ने राजनीतिक जीवन 1970 में शुरू किया था। 1977 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़े थे और पहली बार 1990 में चुनाव जीते थे। 2005 में झारखंड में पहली बार मुख्यमंत्री बने,लोकससभा और राज्यसभा का नेतृत्व किया। सात बार दुमका से लोकसभा सांसद रहे।
शिबू सोरेन तीन बार झारखंड के सीएम बने।
शिबू सोरेन को तीन पुत्र है और एक पुत्री। सबसे बड़ा पुत्र दुर्गा सोरेन जो इस दुनिया में नहीं रहा। दूसरा हेमंत सोरेन जो वर्तमान में झारखंड के सीएम है और झामुमो का केन्द्रीय अध्यक्ष है। तीसरा बसंत सोरेन जो दुमका से विधायक हैं। शिबू सोरेन पाँच दशक तक राजनीति में सक्रिय रहे। नौ साल की उम्र में मांशहार का त्याग किया था। इसके साथ ही वे नशा के खिलाफ थे। गांव- गांव घूमकर आदिवासियों को नशा को त्यागने की बात करते थे।
81 साल के शिबू सोरेन का जन्म रामगढ़ के नेमरा गांव में 1944 में हुआ था और 4 अगस्त 2025 के सुबह आठ बजकर 56 मिनट पर दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली है। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका रेगुलर चेकअप दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में होता था। पिछले महीने जब उनकी तबीयत अधिक खराब हो गई तो उन्हे दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया जिससे उनके शरीर का एक भाग काम करना बंद कर दिया था। उसके बाद उन्हें सर गंगाराम अस्पताल के आईसीयू में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया था।



